शिक्षा मंत्री डोटासर ने समस्याओ का जल्द ही निराकरण करने का दिया आश्वासन
‘पांचवी बोर्ड को समाप्त कर आठवीं बोर्ड को यथावत रखा जाए’

जमनालाल यादव पत्रकार

छबड़ा, राजस्थान प्राईवेट स्कूल एजुकेशन महासंघ का नौ सदस्यो का प्रतिनिधिमंड़ल ने शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासर से मुलाकात कर अपनी विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। इस पर शिक्षा मंत्री डोटासर ने समस्याओ का जल्द ही निराकरण करने का भी आश्वासन दिया हैं।

प्रदेश आईटी सेल प्रभारी दीपक मेहता ने बताया कि राज्य सरकार के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासर से राजस्थान प्राईवेट स्कूल एजुकेशन महासंघ का नौ सदस्यो का प्रतिनिधिमंड़ल मिला और उनकी विभिन्न समस्याओं से अवगत भी कराया। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने फीस अधिनियम और आईटीई अधिनियम में विसंगतियों के बारे मे अवगत कराते हुए कहा कि सरकार द्वारा जब निजीकरण संस्थाओ को किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता नही दी जाती हैं तो फीस निर्धारण का क्या औचित्य हैं। सरकार एवं महासंघ द्वारा फीस अधिनियम मे होने वाली विसंगतियों को आपस मे बैठकर दूर करने की बात कही क्योकि इससे फीस अधिनियम को प्रभावी बनाया जा सके।

आईटीई अधिनियम 2012 को यथावत लागू करने एवं उसमे प्रवेश की प्रक्रिया 31 जुलाई तक करने, केचमेंट एरिया की बाध्यता को समाप्त करने, प्रवेश प्रक्रिया के दौरान मांगे जा रहे दस्तावेजो की बाध्यता समाप्त करने, आरटीई का भुगतान प्रतिवर्ष करने की भी मांगे मांगपत्र मे शामिल हैं। एवं ऑनलाईल पोर्टल पर ऑनलाईन आवेदन प्रक्रिया का चयन सिर्फ एक ही विद्यालय हो एक से अधिक विद्यालय का चयन करने से विद्यार्थी आरटीआई प्रवेश प्रक्रिया से वंचित रहने की भी बात कही। एवं आईटीई के तहत प्रवेश प्रक्रिया अन्य संशोधन के लिए वर्षभर ऑनलाईन पोर्टल खुला रखने, आरटीई प्रक्रिया मे सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार आधार कार्ड की बाध्यता को समाप्त कर शीघ्र आदेश जारी करने की भी मांग की हैं। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबंधित समस्याओं से अवगत कराते हुए कहा कि स्थाई, अस्थाई संबद्धता 2001 से बोर्ड द्वारा जारी नही कि गई हैं। वर्तमान मे भी बोर्ड द्वारा स्थाई, अस्थाई संबद्धता की पत्रावलियां पेडिंग है। बोर्ड द्वारा संबद्धता शीघ्र जारी किया जाए और बोर्ड की मेरिट पूर्व की भांति लागू की जाए।

पांचवी बोर्ड को समाप्त कर आठवी बोर्ड को यथावत रखा जाए। बोर्ड द्वारा ली जा रही पेनल्टियो को पूर्व की भांति किया जाए। प्रायोगिक परीक्षा स्थानीय परीक्षा बोर्ड को पूर्व की भांति लागू करने, प्रत्येक बोर्ड परीक्षा केंद्र पर सरकारी व निजी विद्याथिर्यो को समान कक्ष मे बैठाये जाने, बोर्ड के परीक्षा केंद्रो पर परीक्षा संचालन समिति का गठन करे ताकि पारदर्शिता हेतु निजी एवं सरकारी स्कूलो को प्रतिनिधित्व हो, महासंघ के दो अधिकारियों को बोर्ड कमेटी मे लिया जाये ताकि निजी विद्यालयों की समस्याओं का समाधान होने की बात शिक्षा मंत्री के समक्ष रखी है।

निजी शिक्षा आयोग का गठन कर महासंघ के प्रतिनिधि को इसमे शामिल करने, निजी विद्यालयों के मेधावी विद्यार्थियों को सरकारी विद्यालय के विद्यार्थियों के समान लेपटॉप, स्कूटी, साईकिल आदि से पुरूस्कृत करने, मान्यताओं के नियमों मे सरलीकरण करने, एवं सत्र 2018-19 की मान्यता पत्रावली किसी भी कारण से निरस्त हुई हो या अटकी हुई हो उनकी मान्यता के आदेश शीघ्र जारी करने, मान्यता प्रक्रिया मे सरलीकरण हो जैसे मान्यता अधिनियम 1993 के बाद आता को समाप्त कर 1994 को यथावत रखने, ग्रामीण व शहरी क्षेत्रो मे भूमि रूपांतरण की बाध्यता को समाप्त करने, एफडी को समाप्त करने आदि मांगे मांगपत्र मे शामिल हैं। इस पर शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासर ने इस प्रतिनिधिमंडल को जल्द ही उनकी समस्याओ का निराकरण करने का आश्वासन भी दे दिया हैं। इस मौके पर प्रदेशाध्यक्ष कैलाशचंद शर्मा, प्रदेश महासचिव महेंद्र मीणा, हेमेंद्र बारोटिया अजमेर, संजय तिवाड़ी जयपुर, संजय मिश्रा अजमेर, अशोक कश्यप अजमेर, समंदरसिंह, भगवान नागर छबड़ा आदि मौजूद रहे।