नेताओ ने मंच के माध्यम से भाजपा पर किए प्रहार
दिग्विजय ने भाजपा को बताया किसान विरोधी सरकार

छबड़ा, मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा की गई नोटबंदी के दौरान भाजपा नेताओ द्वारा ही भ्रष्टाचार कर उनकी तिजोरियों भरी हैं। और देश का विकास न कर स्वयं का विकास किया हैं। ऐसी जनता विरोधी सरकार को केंद्र व राज्य से हटाने के लिए जनता से अपील की हैं।

सोमवार को छबड़ा-छीपाबडौद विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याक्षी करणसिंह राठौड़ के समर्थन में छबड़ा के खैल मैदान मे सड़क मार्ग से कार द्वारा मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह निर्धारित समय से डेढ़ घंटा विलंब से चुनावी आमसभा को संबोधित करने पहुंचे। जहां कांग्रेस नेताओ द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप महज लगभग तीन हजार की अपेक्षित भीड़ ही सभा स्थल पर पहुंची। इनके साथ मप्र के पूर्व राजकुमार पटेल, सुभाष सोजतिया, धाकड़ महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहनी धाकड़, नगरपालिका अध्यक्ष राद्योगढ, कुंभराज कृषि उपज मंडी अध्यक्ष के अलावा स्थानीय कांग्रेसी नेता मौजूद रहें। कांग्रेस प्रत्याक्षी के समर्थन मे आयोजित की गई इस चुनावी आमसभा में मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह ने कहा कि वे छबड़ा मे कांग्रेस प्रत्याक्षी के जमानतदार के रूप मे आए हैं। जनता से चुनाव मे जमानतदार का ध्यान रखते हुए कांग्रेस को ही अपना समर्थन देने की अपील की। सिंह ने कहा कि केंद्र में आसीन भाजपा सरकार द्वारा की गई नोटबंदी मे ही भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारियो व पार्टी के दलालो ने नोटबंदी के नाम पर भ्रष्टाचार कर अपनी तिजोरियां भरने का काम किया हैं। केंद्र सरकार ने नोटबंदी के दौरान पुराने एक हजार रू. के नोट केवल सात सौं रू. मे ही लिए जिससे गरीब जनता को आर्थिक संकट से जूझना पड़ा। ऐसी सरकार ने देश का विकास न कर भाजपा नेताओ ने स्वयं का विकास किया हैं। भाजपा सरकार उद्योगपतियों, पूंजीपतियो को बढ़ावा देती आ रही हैं और किसानो का शोषण किया जा रहा हैं। इसके चलते यूरिया खाद की इन दिनो कालाबाजारी की जा रही हैं। पूर्व में खाद का कट्टा 50 किलो वजन का किसानो को दिया जाता था। किंतु केंद्र सरकार द्वारा अभी वर्तमान में 45 किलो वजन का ही यूरिया खाद किसानो को कालाबाजारी के माध्यम से मुहैया हो पा रहा हैं। उन्होने भाजपा पर धर्म के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा के शीर्ष नेताओ को चुनावो के समय ही राम मंदिर बनाने का ही मुद्दा याद आता है और चुनाव समाप्ति के बाद इस मुद्दे को दरकिनार कर जनता को गुमराह कर सत्ता पर आसीन हो जाते हैं। जनता को गुमराह करने वाली व धर्म के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा सरकारों को इस चुनाव मे से सूपड़ा साफ करने के लिए मतदाताओ से आव्हान किया। कांग्रेस ने चुनाव के दौरान किसान व जनहित मे जारी किया घोषणा पत्र पर सरकार बनने के बाद केवल 10 दिन पश्चात् ही इसे लागू करने का जनता को भरोसा दिलाया। केंद्र व मध्यप्रदेश, राजस्थान मे कांग्रेस की सरकार थी तब उन्होने किसानो का ध्यान रखते हुए उनकी फसल का उचित दाम दिलाया किंतु वर्तमान मे केंद्र व प्रदेश मे आसीन भाजपा सरकार द्वारा किसानो को उनकी फसल की लागत मूल्य भी नही मिल पा रही हैं। जिससे किसानो मे भाजपा के प्रति रोष व्याप्त हो चुका हैं। चुनावी आमसभा मे मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने मंच के सामने बैठे जनसैलाब से निर्दलीय को वोट नही देने की भी बात कही हैं।