दो हजार लोगो ने लिया भाग

छबड़ा, छबड़ा में पंजाबी एवं सिंधी समाज द्वारा प्रथम गुरू गुरूनानकदेव की 549वीं जयंति हर्षोल्लास से मनाते हुए गुरूद्वारा मे विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया तथा अरदास के बाद 2 हजार लोगो ने लंगर का स्वाद चखा।

समाज के सन्नी धींगड़ा ने बताया कि सिख धर्म के पहले गुरू के रूप मे गुरूनानक देव को पूजा जाता है। एवं गुरूनानक देव को ही मुख्य रूप से सिक्ख धर्म का गुरू माना जाता हैं। इस दिन गुरूनानक देव के जीवन और उनके द्वारा दी गई शिक्षाओ को भी याद करने के लिए कई प्रकार की गतिविधियो का भी आयोजन किया जाता हैं। इस दिन धर्म गुरू और समाज के लोग गुरूनानक की शिक्षाओ और संदेशो को दोहराते हैं ताकि जनमानस मे उन पवित्र विचारो को पुनः ताजा किया जा सके। इसके चलते शुक्रवार को कार्तिक पूर्णिमा के दिन गुरूनानक देव की 549वीं जयंति स्थानीय पंजाबी एवं सिंधी समाज ने पूरे उत्साह से मनाई गई तथा साथ ही कस्बे मे स्थित गुरूद्वारे मे विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमो का आयोजन किया गया। इसी के चलते गुरूद्वारे को विद्युत साज-सज्जा एवं फूलो से सजाया गया। गुरूद्वारे मे प्रातः से ही श्रद्धालु उमड़ना प्रारंभ हो गए थे। एवं गुरूद्वारे में पाठ एवं अरदास के बाद केक काटकर लगभग 2 हजार लोगो ने लंगर का स्वाद भी चखा जिसमें अन्य समाज के लोगो ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया।