लोधा, मीना, नागर समाज के प्रत्याक्षि भाजपा को पहुंचा सकते है हानि
कांग्रेसी नेताओं ने बागी निर्दलीय उम्मीदवार वीरभद्र सिंह को दिया समर्थन

जमनालाल यादव पत्रकार

छबड़ा, आगामी होने जा रहे राजस्थान विधानसभा सदस्य के चुनाव में छबड़ा-छीपाबड़ौद विधानसभा क्षेत्र में त्रिकोणीय चुनावी मुकाबला होने की संभावना हैं। इस चुनावी मुकाबले में कांग्रेस के बागी निर्दलीय उम्मीदवार वीरभद्रसिंह के चुनाव दंगल में रहने से कांग्रेस को नुकसान होता नजर आ रहा हैं। वही लोधा, मीना, नागर समाज के विभिन्न पार्टीयो के प्रत्याक्षी चुनाव मैदान मे डटे रहने से जातिगत समीकरण का असर भाजपा पर पड़ने की संभावना हैं।

सूत्रो के अनुसार आगामी होने जा रहे राजस्थान विधानसभा सदस्य के चुनाव प्रक्रिया में नामांकन वापिस लेने की प्रक्रिया में बुधवार सायंकाल तक एक भी उम्मीदवार ने अपना नामांकन वापिस नही लिया हैं। छबड़ा-छीपाबड़ौद विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याक्षी प्रतापसिंह सिंघवी व कांग्रेस प्रत्याक्षी करणसिंह राठौड़ के बीच ही पूर्व मे चुनाव मुकाबला माना जा रहा था किंतु कांग्रेस के बागी होकर निर्दलीय के रूप में वीरभद्रसिंह उर्फ निप्पू बना ने जब से नामांकन दाखिल कर चुनाव समर में ताकत झौंकते हुए जनसंपर्क प्रारंभ किया किया है तब से इस क्षेत्र में त्रिकोणीय चुनावी मुकाबला होने की संभावना बताई जा रही हैं। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से उम्मीदवार की दौड़ मे भूपेंद्रसिंह चूड़ावत, नाथूलाल अग्रवाल पूर्व पालिकाध्यक्ष, महेंद्रसिंह चौधरी, बुलंद इकबाल सहित लगभग आधा दर्जन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चल रहे थे। टिकट की दौड़ मे चल रहे इन नेताओ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शीर्ष नेताओ द्वारा अपनी मनमानी बरतकर अपने चहेतो को कांग्रेस प्रत्याक्षी बनाया।

इससे क्षुब्ध होकर टिकट की दौड़ मे चल रहे कांग्रेसी नेताओ ने एक जुट होकर कांग्रेस के बागी निर्दलीय उम्मीदवार वीरभद्रसिंह को चुनावी मैदान मे उतारकर अपना समर्थन देकर जनसंपर्क मे भी शामिल होते नजर आ रहे हैं। कांग्रेस के बागी होकर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे वीरभद्रसिंह से इस क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी को ही खतरा होता नजर आ रहा हैं। वही मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इस विधानसभा पर फोकस रखते हुए भाजपा प्रत्याक्षी प्रतापसिंह सिंघवी की नामांकन रैली में उनकी पुत्रवधू निहारिका भेजा था। छबड़ा-छीपाबड़ौद विधानसभा क्षेत्र पर भाजपा का कब्जा बरकरार रखने के लिए भाजपा प्रत्याक्षी प्र्रतापसिंह सिंघवी ने इस चुनावी समर में पूरी ताकत झौंकते हुए गांव-गांव, ढाणी-ढाणी व पालिका क्षेत्र के मतदाताओ से अपनी भाजपा सरकार के कार्यकाल मे करवाएं विकास कार्यो को लेकर जनसंपर्क मे जुटे हुए हैं। सिंघवी के चुनावी तूफानी दौरो में मतदाताओ का काफी समर्थन मिलता नजर आ रहा हैं। किंतु आगामी होने जा रहे विधानसभा चुनाव में लोधा, मीना, नागर समाज के विभिन्न पार्टीयों से प्रत्याक्षी चुनाव मैदान मे डटे रहने से जातिगत समीकरण बिगड़ने का खामियाजा भाजपा को उठाना पड़ सकता हैं क्योकि इन सभी समाजो के मतदाता इन क्षेत्र के भाजपा के परंपरागत वोट माने जाते आ रहे हैं। वही कांग्रेस के प्रत्याक्षी करणसिंह राठौड़ अपने चुनावी दौरे के दौरान गांवो मे पहुंचकर भाजपा सरकार की विफलताओ को मतदाताओ के सामने उजागर करते हुए मान-मनुहार मे जुट गए हैं। इनके चुनावी दौरे में कांग्रेस के स्थानीय वरिष्ठ नेताओ की कमी देखी जा रही हैं।

वही इस क्षेत्र से कांग्रेस के बागी होकर निर्दलीय के रूप मे चुनावी मैदान मे उतरे वीरभद्रसिंह का कहना हैं कि क्षेत्र की जनता भाजपा व कांग्रेस से नाराज चल रही हैं इस नाराज जनता का उन्हे काफी लाभ मिलने की संभावना जताई हैं। क्षेत्र की जनता ने अब दोनो दलो से मुह मोड़कर उन्हे समर्थन देने का विश्वास दिलाते नजर आ रहे हैं। हालांकि भाजपा-कांग्रेस के अलावा इस विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, भारत वाहिनी पार्टी, भारतीय किसान पार्टी के प्रत्याक्षी अभी तक चुनाव मैदान मे डटकर अपना भाग्य आजमाते नजर आ रहे हैं। इन्होने अपने-अपने समर्थको के साथ गांवो मे पहुंचकर दोरे भी शुरू कर दिए हैं। अब देखना यह हैं कि इस त्रिकोणीय चुनावी कड़े मुकाबले मे किसके सिर पर जीत का सहरा बंध सकता हैं……?