कोटा- रेडियोग्राफर्स सोसायटी राजस्थान ने बीते गुरुवार को कोटा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के रेडियोलॉजी विभाग में विश्व रेडियोग्राफी दिवस मनाया गया इस अवसर पर रेडियोग्राफर्स सोसायटी राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष वकी अहमद ने बताया कि 8 नवम्बर 1895 को एक्स किरणों का आविष्कार जर्मन वैज्ञानिक प्रोफेसर सर विल्हेल्म कोनार्ड रोंजन द्वारा किया गया था इसलिए पूरे संसार मे इस दिन को विश्व रेडियोग्राफ़ी दिवस के रूप में मनाया जाता है अहमद ने बताया कि सर विल्हेल्म कोनार्ड रोंजन ने उस समय एक्स किरणों के अधिकतम प्रयोग स्वम एवम उनकी पत्नी अन्ना बर्धा लुडविग पर किये जिसकी वजह से एक्स किरणों के दुष्प्रभावों के कारण उत्पन्न हुए केंसर के दोनो की मृत्यु हुई क्योकि उस समय तक एक्स किरणों के हानिकारक प्रभाव ज्ञात नही थे परन्तु वो समाज को एक क्रन्तिकारी खोज दे गए एक्स किरणों के खोज करने के कारण भौतिकी का प्रथम नोबेल पुरूस्कार भी सर रोंजन को मिला था आज एक्स किरणों के प्रयोग से शरीर के भीतर उत्पन्न किसी भी प्रकार की छोटी से छोटी पैथोलोजी का भी पता लगाया जा सकता है । इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे रेडियोग्राफर्स सोसायटी राजस्थान के संरक्षक एवम वरिष्ठ रेडियोग्राफ़र उजागर सिंह ने बताया कि सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि इतनी बड़ी चमत्कारिक खोज के उपरांत भी सर रोंजन ने अपनी इस खोज का पेटेंट नही कराया ताकि समाज मे सरलता से एक्स किरणों के सदुपयोग हो सके यदि सर रोंजन एक्स किरणों का पेटेंट कराते तो आज एक एक्सरे की कीमत कम से कम तीन से चार हज़ार रुपये होती,उजागर सिंह ने बताया कि 8 नवम्बर को पूरे विश्व मे एक साथ विश्व रेडियोग्राफी दिवस मनाया जाता है उसी कड़ी में हम भी कोटा में इस पर्व को सेलिब्रेट कर है। इस अवसर पर वरिष्ठ स्टाफ रघुनंदन शर्मा ने भी सर रोंजन के प्रति कृतघ्नता व्यक्त करते हुए कहा कि रेडियोग्राफ़र को एक्सरे विभाग में सावधानी पूर्वक कार्य करना चाहिए और विकिरण सौर्स से अधिकतम दूरी बनाते हुए कम से कम समय मे सभी एक्पोजर पूरे कर लेना चाहिए । इस अवसर पर सोसायटी के संरक्षक उजागर सिंह , प्रदेश अध्यक्ष वकी अहमद एवम वरिष्ठ स्टाफ रघुनंदन शर्मा तथा अन्य सभी सदस्यों ने सर विल्हेल्म कोनार्ड रोंजन की तस्वीर पर माल्यापर्ण किया गया एवम सबका मुंह मीठा कराया गया।