छबड़ा:- मृत व्यक्तियों को जीवित बताकर कूट रचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी तरीके से 17 लाख रुपए की केसीसी का ऋण दिलाने के आरोप मे आईसीआईसीआई बैंक के दो अधिकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर अदालत मे पेश किया जहां उन्हे न्यायिक अभिरक्षा मे भिजवा दिया हैं।

पुलिस उपाधीक्षक परमालसिंह ने बताया कि जून 2017 को दिनेशचंद गौत्तम निवासी जवाहर नगर झालावाड़ रोड बारां ने पुलिस अधीक्षक बारां को एक परिवाद इस आशय का पेश किया था कि उसके ताऊ कन्हैयालाल, भैंरुलाल निवासी खानपुर तथा पिताजी देवीशंकर शर्मा निवासी बारां के खाते की लगभग 98 बीघा कृषि भूमि गांव ननावता तहसील अटरु में स्थित है। उसकें ताऊ व पिता की मृत्यु हो चुकी है। इस जमीन पर अज्ञात व्यक्तियों ने जमीन की नकले निकलवाकर एवं आईसीसीआई बैंक छबडा के कर्मचारियों से सांठ-गांठ कर फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार कर 17 लाख रुपयों की केसीसी ़ऋण उठा लिया था। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर उक्त परिवाद थाना छबड़ा में प्रकरण दर्ज कर थानाधिकारी जांच के निर्देश दिए थे। जिस पर गत चार जुलाई 2017 को धोखाधडी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। उक्त प्रकरण में पूर्व में जांच अधिकारी राजेंद्रप्रसाद उपनिरीक्षक द्वारा आरोपी गुलाबसिंह मीणा पुत्र श्रीकिशन निवासी नयागांव व लोकेश शर्मा पुत्र छीतरलाल निवासी ननावता, पप्पू सहरिया निवासी बड़ार, सूरमल सहरिया निवासी बड़ार, सुआलाल सहरिया, गुड्डी बाई सहरिया निवासीगण बड़ार थाना शाहबाद एवं केसीसी ऐजेन्ट ओमप्रकाश उर्फ ओम चौधरी निवासी नृसिंहपुरा, भूली बाई निवासी नयागांव को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसी प्रकरण में 13 अक्टूबर को आईसीसीआई बैंक के रीजनल हैड़ सेल्स फार्मर फाइनेंस (आरएचएस) हर्ष सोलंकी पुत्र नरपाल सिह सोलंकी निवासी डी सोलंकी हॉस्पीटल पुष्प वाटिका कॉलोनी भरतपुर थाना मथुरा गेट जिला भरतपुर हालमुकाम 805, वृंदावन ब्लॉक सालासर धाम अपार्टमेंट देवली अरब रोड कोटा व डेवलपमेंट ऑफिसर शैलेश यादव आत्मज परमानंद यादव निवासी लंका कॉलोनी मुक्ति धाम रोड़ बारां को गिरफ्तार कर लिया हैं। जिन्हें रविवार को अवकाशकालीन न्यायालय बारां में पेश किया जहां दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भिजवाया दिए गए हैं।

इस प्रकार रचा षड्यंत्र- लगभग 50-60 वर्ष पूर्व ननावता गांव निवासी कन्हैयालाल शर्मा, भैरुलाल शर्मा, देवीशंकर शर्मा गांव छोड़कर बारां व कोटा रहने लग गये थे एवं उनकी लगभग 100 बीघा कृषि भूमि गांव में थी जिसे मीणा जाति के लोग काश्त करते आ रहे थे। कन्हैयालाल शर्मा, भैरुलाल शर्मा, व देवीशंकर शर्मा तीनों की लगभग 7-8 वर्ष पूर्व मृत्यु भी हो चुकी है। ननावता निवासी गुलाबसिंह मीणा व लोकेश गौतम ने केसीसी ऐजेंट ओमप्रकाश उर्फ ओम चौधरी निवासी नृसिंहपुरा से सम्पर्क किया एवं उक्त मृत व्यक्तियों की जमीन पर केसीसी लोन उठाने के बारे में बताया तो ओमप्रकाश उर्फ ओम चौधरी ने कहा कि उसकी आईसीआईसीआई बैंक में अच्छी पहचान है। उक्त मृत व्यक्तियों एवं उनके परिवार की महिलाओं के स्थान पर अन्य व्यक्ति खड़े कर केसीसी जारी करवा दूंगा। उसके बाद ओमप्रकाश चौधरी, गुलाबसिंह मीणा व लोकेश को साथ लेकर आईसीआईसीआई बैंक बारां मे गए जहां मृत काश्तकारों के नाम से केसीसी की फाईलें पेश की। कृषि भूमि व उसके काश्तकार का भौतिक सत्यापन करने के लिये बैंक का डेवलपमेंट ऑफिसर शैलेश यादव गया किंतु उक्त अधिकारी के पास पांच लाख से अधिक का केसीसी लोन पास करने का अधिकार नही होने के कारण बैंक के रीजनल हैड सेल्स फार्मर फाइनेंस (आरएचएस) हर्ष सोलंकी द्वारा काश्तकार एवं कृषि भूमि का भौतिक सत्यापन किया। एवं जमीन पर फर्जी काश्तकार खडे़ कर फोटों खिचवायें एवं वोटर आईडी या आधार कार्ड लिए बिना ही केसीसी की फाईल सत्रह लाख तैवींस हजार सात सौ रुपये का ऋण गत माह जनवरी 2014 में पास कर दिया। उसके बाद बैंक में इतने बडे़ घोटाले का पता चलते ही बैंक द्वारा उक्त अधिकारियों की जांच शुरू कर दी गई। किंतु कार्रवाई के भय से बैंक से नौकरी छोड़ कर अन्य बैंकों में नौकरी करने लग गए। उक्त दोनों आरोपियों के खिलाफ अपराध प्रमाणित पाया जाने पर पुलिस ने दोनो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।