कोटा – रेडियोग्राफर सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष वकी अहमद एवम महासचिव अनिल कुमावत का कहना है कि रेडियोग्राफर संवर्ग की पिछले कई वर्षों से वेतन विसंगति को लेकर लंबित मांगे जायज है अहमद का कहना है कि रेडियोग्राफर सोसायटी पिछले कई महीनों से शांतिपूर्वक तरीको से वेतन विसंगति को लेकर लगातार प्रयासरत रही है । तथा सामन्त कमेटी के एवम मंत्रिमंडलीय उपसमिति के समक्ष कई बार सोसायटी अपना मांगपत्र भी प्रस्तुत कर चुकी है । मगर अभी तक केडर की ग्रेड पे से सम्बंधित मांग पूरी नही की गई है। गौरतलब है कि अन्य राज्यो में रेडियोग्राफर की शुरुआती ग्रेड पे 4200 से लेकर 4600 तक है । परंतु राजस्थान में कम ग्रेड पे होने के कारण यहां की प्रतिभाए अन्य राज्यो में पलायन कर रही है अभी हाल ही राजस्थान सरकार द्वारा 1257 सहायक रेडियोग्राफर पदों पर निकली भर्ती में भी मात्र 198 ही योग्य उम्मीदवार प्राप्त हुए है । सोसायटी के संरक्षक उजागर सिंह इसका मुख्य कारण राजस्थान में कम ग्रेड पे होना मानते है । उजागर सिंह का कहना है कि पांचवे वेतन आयोग के बाद से ही रेडियोग्राफर संवर्ग पिछड़ता चला गया जिझकी आज तक भरपाई नही हो पाई ।कोटा जिले के जिला अध्यक्ष लालचन्द कच्छावा ने बताया कि रेडियोग्राफर गम्भीर आयनिक विकिरण क्षेत्र में कार्य करता है बावजूद इसके राजस्थान में ग्रेड पे सम्मानजनक नही है। सोसायटी के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश सामरिया एवम महेश दुबे ने कहा कि वेतन विसंगतियो को लेकर सोसायटी पिछले कई दिनों से संघर्ष कर रही है । अभी हाल ही में सोसायटी के सदस्यों ने काली पट्टी बांध कर भी सांकेतिक प्रदर्शन किया था मगर सरकार के द्वारा अभी तक सामन्त कमेटी की रिपोर्ट जगजाहिर नही की गई
प्रदेश अध्यक्ष अहमद का कहना है कि प्रदेश में जल्द ही अचार संहिता लगने वाली है इससे पहले पहले राजस्थान सरकार हमारी मुख्य मांगे केंद्र के समान ग्रेड पे , मेस अलाउंस , रेडिएशन अलाउंस बढ़ाये साथ रेडीयोग्राफर ट्यूटर के नवीन पदों का सृजन करे, एवम सहायक रेडियोग्राफर से रेडियोग्राफर पद पर प्रमोशन पूर्व की भांति 5 वर्ष से हटाकर पूण 2 वर्ष किया जाए एवम सहायक रेडियोग्राफर पर चयनित अभ्यर्थियों को आचार संहिता से पूर्व ही नियुक्ति दे जिससे अस्पतालों में एक्सरे विभाग में बढ़ रहे कार्य के अत्यधिक दबाव को कम किया जा सके।