कोटा – आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य विद्या वाहिनी कार्यक्रम की तर्ज पर अब प्रदेश में ’निरामया’ कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्धेश्य आमजन को स्वच्छता का संदेश देने के साथ ही ’स्वच्छ और स्वस्थ राजस्थान’ के वातावरण का निर्माण करना है। कोटा सहित प्रदेश के मेडिकल कालेज वाले 7 जिलों में यह कार्यक्रम 26 सितम्बर से शुरू होगा। इसमे मेडिकल कॉलेज के तीसरे और चौथे सेमेस्टर के विद्यार्थी गांवों में जाकर स्वच्छता, साफ-सफाई को बढ़ावा देने के साथ ही प्रिवेन्टीव हैल्थ केयर और हैल्दी लीविंग स्टाइल के सबंध में ग्रामीणों को निर्धारित 10 थीमों पर शिक्षित और जागरूक करेगें। इसके लिए सोमवार को मेडिकल कॉलेज में इन विद्यार्थियों को प्रशिक्षण भी दिया गया।
कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी व आरसीएचओ डॉ एमके त्रिपाठी ने बताया कि कार्यक्रम का पहला चरण 26 सितम्बर से शुरू होगा। इसके बाद 24 और 31 अक्टूबर फिर 14 और 28 नवम्बर बुधवार के दिन कुल पांच बार ये टीमें उन्ही गांवों का दौरा कर लोगों को अलग-अलग थीमों पर जागरूक करेंगी। इसके लिए 100 मेडिकल स्टूडेट्स की 6-6 सदस्यों वाली 17 टीमें बनाई गई है। प्रत्येक टीम के साथ एक मेडिकल कॉलेज से सुपर वाइजर भी रहेगा। ये टीमें एक साथ जिले के 17 चयनित गांवों का दौरा करेंगी। प्रत्येक टीम एक गांव में जाएगी। इसके बाद अगले चरण में जिले के अन्य दूसरे 17 गांवों में टीमे भेजी जाएंगी। इन गांवों की आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार के लिए पाबंद किया गया है ताकि टीमों के पहुंचने से पूर्व लागों को किसी एक निर्धारित जगह पर इकठ्ठा किया जा सके। डॉ त्रिपाठी ने बताया कि सोमवार को सभी खण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को सीएमएचओ कार्यालय मे बैठक लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए है। उन्होने बताया कि पहले वाले चरण में प्रत्येक टीम उस गांव के 25 घरों पर भ्रमण कर बेस लाइल सर्वे भी करेंगी।
इन 10 थीमों पर किया जाएगा जागरूक – पर्यावरण एवं व्यक्तिगत स्वच्छता एवं स्वास्थ्य, वैक्टर जनित बीमारियों पर नियंत्रण, बच्चों एवं किशोरों का पोषण, ग्रोथ विकास एवं शारीरिक गतिविधी, टीकाकरण, मातृ स्वास्थ्य, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा, एवं वृद्वजन केयर में डायबिटीज, मानसिक रोग, कैंसर अंधापन, आदि के इलाज व स्वास्थ्य शिक्षा पर जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही चिकित्सा विभाग की महत्वपूर्ण योजनाओं जैसे – जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, 108-104 जीवन वाहिनी एम्बुलेेंस की जानकारी भी ग्रामीणों को देगें। तथा इन योजनाओं के बारे मंे फीडबैक लेगें।
पहले चरण में 26 को इन 17 गांवों में जाएगी टीमें – डॉ त्रिपाठी ने बताया कि पहले चरण में मेडिकल कॉलेज स्टूडेंट्स की टीमें 26 सितम्बर को जिले के इन चिन्हित गांवों में जाकर दो थीमो पर लोगों को जागरूक करगीं जिनमे ब्लॉक सुल्तानपुर के पांच गांव – डूगरज्या, कल्याणपुरा, सनीजा बावड़ी, जालिमपुरा एवं रेलगांव ब्लॉक सांगोद के पांच गांव में खजूरी, सावनभादो, देवली, कन्दाफल एवं पानाहेडा ब्लॉक लाडपुरा के पांच गावं- खेड़ारसूलपुर, गन्दीफली, कसार, बनियानी व डोलिया ब्लॉक इटावा के विनायका एवं खैराबाद ब्लॉक के ढाबादेह गाँवो में टीमे जाएंगी।