रावतभाटा – शिव सिंह चौहान पत्रकार) जिला परिषद के ग्रामीण विकास अभिकरण सभागार में मंगलवार को ईवीएम वीवीपेट के बारे में सैद्धान्तिक एवं व्यहारिक प्रशिक्षण देकर जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर तैयार किए गए।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह ने प्रशिक्षणार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि मास्टर ट्रेनर सतर्क होकर प्रशिक्षण प्राप्त करें ताकि मतदान दिवस पर चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हो सके। प्रशिक्षक इन्हें सटीक एवं श्रेष्ठ रुप से ईवीएम एवं वीवीपैट की सैद्धान्तिक एवं प्रायोगिक जानकारी दे, साथ ही प्रशिक्षण सामग्री एवं डेटा पर भी गंभीरता से कार्य कर प्रशिक्षणार्थियों को उपलब्ध कराएं। हमें स्मरण रखना चाहिए कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विधानसभा चुनाव में इस बार वीवीपेट का पहली बार व्यापक प्रयोग किया जा रहा हैं। इसलिए हमें अधिक सतर्कता से प्रशिक्षण प्राप्त कर मतदान अधिकारियों को प्रशिक्षित करना है। ईवीएम एवं वीवीपेट के बारे में हर नए तथ्य से वाकिफ होने का मास्टर ट्रेनर प्रयास करें।
स्वीप के नोडल अधिकारी एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंकित कुमार सिंह ने सभी प्रशिक्षणार्थियों से गंभीरता से प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने सभी संदेह एवं जिज्ञासाओं को खत्म कर अपने जिम्मेदारी प्रभावी ढंग से निभाने की अपील की।

जयपुर से प्रशिक्षण प्राप्त स्टेट लेवल मास्टर ट्रेनर दौलत ज्ञान चन्दानी, रजत सोनी एवं आलोक शुक्ला ने पॉलटेक्नीक महाविद्यालय के 20 प्रवक्ताओं, 2 टेक्नीशनों, आईटीआई के 3 तकनीशनों के साथ यूआईटी सचिव सीडी चारण, रसद अधिकारी ज्ञानमल खटीक, उपखण्ड अधिकारी सुरेश कुमार खटीक को प्रशिक्षित किया। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि इस बार विधानसभा चुनाव 2018 में एम 3 प्रकार की ईवीएम प्रयोग में लाई जाएगी। इससे पूर्व के चुनाव में काम में ली गई एम 2 मशीन केवल 64 उम्मीदवारों के लिए ही उपयोगी थी जबकि एम 3 मशीन 384 उम्मीदवारों तक के लिए काम में ली जा सकेगी।
इस बार वीवीपेट का उपयोग करने से मतदाता उसके द्वारा जिस उम्मीदवार के पक्ष में मत दिया गया है, उसका नाम, चुनाव चिन्ह एक पर्ची पर देख सकता है। यह पर्ची 7 सेकण्ड तक वीवीपेट की खिड़की से दिखाई देगी उसके बाद स्वतः कटकर वीवीपेट के ड्रॉप बॉक्स में गिर जाएगी। यह ड्रॉप बॉक्स सील्ड रहेगा।

स्टेट लेवल मास्टर ट्रेनर ने ईवीएम की कार्य प्रणाली के बारे में सिलसिलेवार बताया। उन्होंने क्लीयर बटन, मॉकपोल, फिर क्लीयर बटन एवं रिजल्ट सेक्शन को सील करने के बारे में जानकारी दी। प्रशिक्षण में आर.ओ. एवं पीठासीन अधिकारी के स्तर पर की जाने वाली विभिन्न प्रकार की सीलिंग की भी विस्तार से जानकारी दी गई। मतदान दिवस के दिन पीठासीन अधिकारी द्वारा बरती जाने वाली सावधानियों के साथ-साथ किसी भी तकनीकी खराबी के दौरान की जाने वाली कार्यवाही से भी प्रशिक्षणार्थियों को अवगत कराया गया।
प्रशिक्षण के दौरान दिव्यांग मतदाताओं को मतदान दिवस पर उनकी भाषा में बताने के लिए भी सांकेतिक मुख मुद्राओं, विभिन्न हाव-भाव एवं उंगलियों के संचालन का भी प्रशिक्षण दिया गया। सुगम्य मतदान के सिलसिले में दिये गए इस प्रशिक्षण के बारे में स्वीप के सहायक नोडल अधिकारी ओमप्रकाश तोषनीवाल ने बताया कि दिव्यांग मतदाताओं को मतदान केन्द्र पर स्वागत, मतदान करें, वोटर स्लीप दिखाएं, तर्जनी पर स्याही लगवाएं, वोट करें जैसी शब्दावली को विशेषज्ञ ने संकेतों के माध्यम से समझाया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षण के प्रभारी अधिकारी अतिरिक्त कलेक्टर भू.अ. चन्द्रभान सिंह भाटी सहित प्रशिक्षणार्थी उपस्थित थे। प्रशिक्षण का समन्वय एडीईओ शांतिलाल सुथार एवं प्रोग्रामर दिनेश शर्मा ने किया।