रावतभाटा – शिव सिंह चौहान (पत्रकार) लोकतंत्र में सार्थक पत्रकारिता की बहुत महत्ता है। एनपीसीआईएल और गुणवत्तापूर्ण निर्माण एक दुसरे से जुडे हुए हैं व एनपीसीआईएल गुणवत्तापूर्ण निर्माण के लिए पूर्णतयः प्रतिबद्ध है। राजस्थान परमाणु बिजलीघर के स्थल निदेशक विजय कुमार जैन ने राजस्थान परमाणु बिजलीघर के जन-जागरण कार्यक्रम के अन्तर्गत मंगलवार को आयोजित स्थानीय पत्रकारों की कार्यशाला को संबोधित करते हुए कही। तत्पश्चात संयत्र भ्रमण का आयोजन किया। इस अवसर पर रावतभाटा उपखंड के लगभग 13 पत्रकार बंधुओं को स्वागतोपरांत परमाणु ऊर्जा व विकरण के बारे में नाभिकीय प्रशिक्षण केन्द्र में व्याख्यान दिया गया। तत्पश्चात संयंत्र के सिम्यूलेटर, राजस्थान परमाणु बिजलीघर की इकाई 3 व 4 के ऑपरेटिंग आईलैंड एवं राजस्थान परमाणु विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन इकाई 7 व 8 की विजिट कराई गई।
राजस्थान परमाणु बिजलीघर के स्थल निदेशक विजय कुमार जैन ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि विगत वर्ष में राजस्थान परमाणु बिजलीघर का केपेसिटी फेक्टर 90 प्रतिशत से भी अधिक रहा है। एनपीसीआईएल में प्रचालन एवं अनुरक्षण कर्मचारियों को लाईसेंस देने से पहले गहन प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्होंने बताया कि बेहतरीन प्रशिक्षण व्यवस्था व संरक्षा के कडे मापदडों के कारण एनपीसीआईएल के सभी पावर स्टेशन अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। ग्रिड में भी काफी स्थिरता आयी है। राजस्थान परमाणु विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन इकाई 7 व 8 का काम गुणवत्तापूर्वक चल रहा है। मार्च 2020 तक राजस्थान परमाणु विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन इकाई 7 की क्रांतिकता प्राप्त की जानी है। एनपीसीआईएल में आगामी कुछ वर्षोे में नये संयत्रों का विस्तार किया जाना है। हमारे यहॉ भारत में पहली बार ओसार्ट मिशन आयोजित किया गया, जिसमें ओसार्ट के 21 प्रतिनिधियों ने संयत्र का अवलोकन किया। इसकी रिपोर्ट तत्कालीन प्रधानमंत्री संसद में रख चुके हैं।उन्होने कहा कि राजस्थान परमाणु बिजलीघर आमजन-जीवन के सुधार के लिए सामाजिक सरोकार में भी अग्रणी रहा है। जिसके चलते राजस्थान सरकार के विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल द्वारा भामाशाह अवार्ड से भी सम्मानित किया गया है।
कार्यशाला के दौरान आयोजित व्याख्यान में बताया गया कि वर्तमान में भारत में 21 रिएक्टर प्रचालनरत हैं। 700 मेगावाट के 10 भारत में निर्मित रिएक्टर, फ्लीटमोड में लगाने के लिए सरकार से सैद्धांतिक तथा वित्तीय अनुमोदन हो चुका है। इसके अतिरिक्त सरकार द्वारा रूस, फ्रांस एवं अमरीका के सहयोग से नए रिएक्टर लगाने की बात-चीत चल रही है। साथ ही राजस्थान परमाणु बिजलीघर के वैज्ञानिक अधिकारी-जी संजय माथुर द्वारा एनपीसीआईएल के सामाजिक सरोकार तथा उसके कार्यकलापों पर व्याख्यान एवं स्वास्थ्य भौतिकविद् राकेश वशिष्ठ द्वारा विकिरण संबंधी भ्रांतियों पर व्याख्यान दिया गया।

व्याख्यान के उपरांत पत्रकारों ने राजस्थान परमाणु बिजलीघर के स्थल निदेश विजय कुमार जैन, राजस्थान परमाणु बिजलीघर की इकाई 1 व 2 के केंद्र निदेशक एन.के. पुष्पकार, राजस्थान परमाणु बिजलीघर की इकाई 3 व 4 के केंद्र निदेशक राजीव मनोहर गोडबोले, राजस्थान परमाणु बिजलीघर की इकाई 5 व 6 के केंद्र निदेशक एम. श्रीनिवास, राजस्थान परमाणु विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन इकाई 7 व 8 के परियोजना निदेशक विवेक जैन, राजस्थान परमाणु विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन इकाई 7 व 8 के मुख्य अधीक्षक एस. हलदर, मुख्य अभियंता पी.एन. प्रसाद, प्रशिक्षण अधीक्षक एवं प्रवक्ता सुनील कुमार, राजस्थान परमाणु बिजलीघर के मानव संसाधन के प्रमुख के.जी. चंद्रशेखरन के साथ चर्चा की गई। चर्चा के उपरांत पत्रकारों ने राजस्थान परमाणु बिजलीघर के रिएक्टर 3 व 4, ऑपरेटिंग आईलैंड तथा निर्माणाधीन इकाई- 7 व 8 का भ्रमण भी किया। तथा मानव संसाधन की ओर से जनसंपर्क प्रबंधक महावीर शर्मा, जनसंपर्क अधिकारी श्रीमती प्रक्षालिता चतुर्वेदी ने समन्वय किया।
कार्यक्रम में शिव सिंह चौहान, दिलीप वधवा, रमेश गुलाटी, सुश्री दिव्या सिंह चौहान, सुश्री जमना, कृष्ण कुमार थोलंबिया, श्रीमती मनीषा रावल, अनिल शर्मा, दौलत सिंह कान्हावत, ओम भट्ट, मुदस्सर अहमद, हरिमोहन राठौर, सादिक मोहम्मद, आर.एस. नैंगी व अब्दुल हनीफ, ए.के. जैन ने भाग लिया।