रावतभाटा – शिव सिंह चौहान (पत्रकार) महाराष्ट्र की धरती से उपजा श्री गणेशोत्सव भारत का छोटा भारत की अणु व परमाणु नगरी में आध्यात्म की अमीर छाप छोडते हुए विगत दस दिनों से मनाया जा रहा महोत्सव अन्नत चतुर्दशी के पावन पर्व के मौके पर प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ ही रविवार को संपन्न हो गया। रविवार को रात्रि में गणपति बप्पा मोरिया की गगन भेदी गूंज के साथ ही गणेश भक्तों ने प्रतिमाओं को भव्य जुलूस के रूप में चंबल नदी के राणा प्रताप बांध के घाट पर विसर्जित किया गया। इसके साथ ही गणेश चतुर्थी पर प्रारंभ हुआ दस दिवसीय श्री गणेशोत्सव थम गया। अन्नत चतुर्दशी पर रविवार को ग्रामीण अंचल एंव नगर में विभिन्न जगहो पर स्थापित श्री भगवान गणेश जी की प्रतिमाओं का मांगलिक रस्म के साथ विधि-विधान पूर्वक पूजा अर्चना कर शोभायात्रा निकाली गई। गणपति जी की झांकियंा को सजाकर निकाला गया। ‘‘गणपति बप्पा मोरिया अगले साल जल्दी आ’’ के जयघोष के नारे के साथ बैंडबाजों, आतिशबाजी एंव गुलाल उडाते नाचते-गाते शोभायात्रा प्रारंभ हुई। शोभायात्रा के समय रास्ते में श्रद्धालुओं द्वारा श्री गणेश जी की पूजा-अर्चना कर प्रसाद वितरण किया गया। शोभयात्रा में अखाडे का प्रदर्शन किया गया।
क्षेत्र के नया बाजार गार्डन, कोटा बेरियर अंहिसा सर्किल पर श्री गुरू गणपति ज्ञान मंदिर, बुद्धा गार्डन सुभाष सर्किल अणुदीप कॉलोनी, श्री सार्वजनिक गणेश मंदिर चेतक मार्केट, चारभुजा झालरबावडी, चारण बस्ती, आरपीएस कॉलोनी, फेज टू बस स्टेण्ड, एनटीसी कॉलोनी रावतभाटा सहित अन्य स्थानों पर स्थापित प्रथम पूजक गणपति जी की प्रतिमाओं की महाआरती कर राणाप्रताप सागर बांध गाजे-बाजों के साथ विसर्जित किया गया। रावतभाटा के सबसे पुराने श्री सार्वजनिक गणेश मंदिर चेतक मार्केट से गणेश जी प्रतिमा की शोभयात्रा दोपहर को प्रारंभ हुई। जो चेतक मार्केट, जीवाजी मार्केट, हाटचौक पुराना बाजार नंबर 1 व 2, कोटा बैरियर अहिंसा सर्किल, प्रताप मार्केट, सिनेमा चौराहा, प्रताप सर्किल, जल संसाधन सिंचाई विभाग की आवासीय कॉलोनी होते हुए बांध के चंबल घाट पर पहुंची। गणेश प्रतिमाओं के दर्शन करने श्रद्धालुओं का जन सैलाब उमड पडा। शोभायात्रा के साथ पुलिसबल भी व्यवस्था बनाकर चल रहा था। इस वर्ष अच्छी वर्षा होने व नदी तालाबों में पानी लबालब रहने से गणेश प्रतिमाओं के दर्शन करने श्रद्धालुओं का जन सैलाब उमड पडा।
शहर में स्थापित की गई गणपति प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए राणा प्रताप सागर बांध चंबल नदी घाट पर नाव और गोताखोर नाविक तैयार थे। जो प्रतिमाओं को बांध के भराव क्षेत्र में गहराई की जगह तक ले जाकर विसर्जन कर रहे थे। सुरक्षा की दृष्टि से बांध पर जलसंसाधन सिंचाई विभाग के अब्दुल गनी भी मोटरबोट के साथ मौजुद थे। गणेश चतुर्थी के दौरान जलसंसाधन सिंचाई विभाग के अब्दुल गनी का विशेष योगदान रहता है।

गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान रावतभाटा में राणा प्रताप सागर बांध स्थित चंबल नदी घाट पर प्रतिमा विसर्जन करने गए कई लोगों की जेब से पर्स, मोबाइल चोरी हो गए | साथ ही रावतभाटा में 2500 से अधिक प्रतिमाओं के विसर्जन में पुलिस को खूब मशक्कत करनी पड़ी। इधर ट्राफिक नियंत्रण के लिए पुलिस को खूब मशक्कत करनी पड़ी।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भवानीशंकर मीणा, कार्यवाहक उपजिला कलेक्टर श्रीकांत व्यास, पुलिस उपाधीक्षक दिनेश कुमार यादव व थानाधिकारी दलपत सिंह राठौड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि रावतभाटा में अंनतचौदस पर प्रशासन ने मूर्ति विसर्जन के लिए प्रशासन ने की विशेष व्यवस्था की है। जल संसाधन विभाग के इंडिया गेट बांध की चंबल नदी की सीढियों पर अंनत चौदस पर्व को देखते हुए प्रशासन ने बांध के इंडिया गेट पर विशेष व्यवस्था की है। 10 लाइफ जेकेट जवान तैनात रखे गए है। साथ ही मोटर बोट की व्यवस्था भी की गई है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिकारियों को तैनात किया गया है। मूर्ति विसर्जन के समय इंडिया गेट पर प्रशासनिक अधिकारी, रेस्क्यू इंस्पेक्टर, पटवारी, जल संसाधन विभाग के 10 कर्मचारी, मत्स्य विभाग के 5 कर्मचारी भी तैनात किए गए है। तथा दोपहर से जुलूस शुरू होने से लेकर समापन तक रावतभाटा थानाधिकारी दलपत सिंह राठौड़ के नेतृत्व में पुलिस जाब्ता विशेष चौकसी निगरानी कानून व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा था। शोभायात्रा में पुलिस प्रशासन द्वारा कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए पुलिस जवान तैनात किए गए। जुलूस में रावतभाटा थानाधिकारी दलपत सिंह राठौड़ सहित कई अधिकारी साथ-साथ चल रहे थे। अनंत चतुर्दशी पर रविवार को प्रातः से लेकर रात्रि 11 बजे के बीच में चंबल घाट पर करीब 2500 से अधिक प्रतिमाओं का आरती के साथ विसर्जन किया गया।