रावतभाटा – शिव सिंह चौहान (पत्रकार) रावतभाटा उपखण्ड क्षेत्र के भैंसरोड़गढ़ कस्बे में शुक्रवार को हजरत इमाम हुसैन की शहादत में ताजिए निकाले गए। मोहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन ने ईमान को बचाने के लिए बलिदान दिया। इसी याद में मोहर्रम मनाया जाता है। शुक्रवार को ग्रामीण अंचल में मुस्लिम समाज की ओर से पैंगबर हजरत मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन की शहादत याद में ग्रामीण अचंल में ढोल ताशों की मातमी धुनों के साथ ताजिए का जुलूस निकाला गया। शुक्रवार को प्रातः 10 बजे मुकाम उठे, जो निचला चौगान पंचायत समिति, सदर बाजार, गांधी चौक होते हुए महल पहुंचे। जंहा ठिकाने के निशान के साथ सलामी हुई। उसके बाद मुकाम ताजिए का जुलूस गांधी चौक, सदर बाजार होते हुए देर रात्रि को चंबल नदी के किनारे पहुंचा जंहा फातिमा पढकर ताजिए को करबला में ठंडा किया गया। जुलूस में नन्हे मुन्ने बच्चों, युवाओं व महिलाओं ने भाग लिया। शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व शांति पूर्वक तथा पंरपरागत रूप से मनाया गया।

जुलूस में कलाकारों द्वारा विभिन्न तरह के हैरत अंगेज करतब दिखाए गए। जिनमें व्यायाम प्रदर्शन तथा या अली या हुसैन के नारे लगाए गए। मोहर्रम के इस पर्व पर मोहर्रम में जान मोहम्मद शेख, सदर शब्बीर मोहम्मद लाला, अहसान मोहम्मद, मुंशी उस्ताद सहित गांवों के मुस्लिम समाज के लोगों के साथ-साथ अन्य समाज के लोग भी शामिल हुए। रावतभाटा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भवानीशंकर मीणा, पुलिस उपाधीक्षक दिनेश कुमार यादव व भैंसरोड़गढ़ थानाधिकारी गोपालनाथ अपने पुलिस बल के साथ जुलूस की निगरानी करते हुए तैनात रहे। मोहर्रम के जुलूस मंे काूनन व्यवस्था बनाए रखने के लिए माकूल पुलिस व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त कुण्डाल क्षेत्र के बड़ौदिया, बोराव, सिंगोली व बेंगू में मोहर्रम का जुलुस मातमी धुन के साथ निकाला गया। वहीं बेंगू में निकाले गए ताजिए की विशेष कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बेंगू डीवाईएसपी राकेश राजौरा, बेगूं थानाधिकारी वीरेंद्र सिंह मौजूद थे।