देव विमानो के नीचे से निकलने के लिए मची रही होड़

छबड़ा:- छबड़ा में जलझूलनी एकदशी पर विभिन्न मंदिरो से चांदी व मोती से जड़ित विमानो मे बैठकर भगवानो ने घंटा व घड़ियाल की गूंज के साथ नगर भ्रमण किया। इस दौरान देव विमानो के नीचे से निकलने के लिए लोगो मे होड़ मची रही।

प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरूवार को जलझूलनी एकदशी के उपलक्ष मे ढोल की थाप एवं घंटा, घड़ियाल गूंज के साथ देव विमान सायं तीन बजे बाद नगर भ्रमण पर निकले। जलझूलनी एकदशी पर देवताओ के विमान निकालने की परंपरा अति प्राचीन हैं। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी विभिन्न समाजो के लगभग चार दर्जन चांदी, पीतल व लकड़ी के निर्मित कलात्मक विमानो में देव प्रतिमाओ को गाजेबाजे एवं आतिशबाजी के साथ निकाला गया। तीन बजे बाद से ही शहर एवं गांवो के मंदिरो से विमानो में सजी भगवानो की प्रतिमाओ को मुख्य बाजार मे लाया गया। बैंड़बाजो की धुनो व मंत्रोच्चरण के बीच देव विमान निकाले गए। एक दर्जन से अधिक देव विमान गायत्री मंदिर पर एकत्रित हुए तथा देव विमानो के आगे विभिन्न अखाड़ो मे शामिल हुए युवाओ एवं पुरूषो ने हैरतअंगेज करतब भी दिखाए। इस शोभायात्रा मे श्रद्धालु देव विमानो को अपने कंधो पर लेकर चल रहे थे। महिलाएं मंगल गीत गाते हुए देव विमान के आगे-आगे भगवान श्रीकृष्ण के जयकारो के साथ चलती रही। इस जुलुस को देखने के लिए लोगो ने दुकानो, मकानो की छतो पर बैठकर घंटो तक इंतजार किया। देव विमानो की भक्तो ने पूजा अर्चना कर श्रीफल, फल आदि चढ़ाए। इन देव विमानो के नीचे से निकलने के लिए भक्तो मे होड़ मची रही। इस शोभायात्रा का पुष्पवर्षा के साथ जगह-जगह स्वागत किया गया तथा अधिकांश देव विमान मुख्य चौराहो पर एकत्रित हुए वहां से देव विमानो के आगे अखाड़ा एवं लाउड़ स्पीकरो एवं बैंडबाजो पर चल रहे भगवान की भजनो के साथ यह जुलुस सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, ब्रह्मपुरी मोहल्ला, सेन मंदिर के सामने, छत्री चौराहा, जैन समाज के मंदिर के सामने होता हुआ रेणुका नदी पर पहुंचा। वहां पर पंक्तिबद्ध रूप से देव विमान खड़े किए गए उसके बाद जलवा पूजन कर महाआरती का आयोजन किया गया। इस जुलुस मे शहर सहित क्षेत्र के दर्जनो गांवो के हजारो की संख्या में पुरूष, महिलाएं एवं बच्चे उमड़े। जुलुस में शांति बनाए रखने के लिए पालिका क्षेत्र के मुख्य चौराहो, गली-मोहल्लो, कॉलोनियो मे पुलिस जवान तैनात रहे तथा अधिकांश पुलिस कर्मी जुलुस के साथ मे भी चल रहे थे।