रावतभाटा – शिव सिंह चौहान (पत्रकार) राजस्थान पंचायत राज सेवा परिषद जयपुर के बैनर तले विकास अधिकारी, पंचायत प्रसार अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी 12 सितंबर से जारी अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को भी जारी रहा। जंहा भैंसरोड़गढ़ पंचायत समिति की समस्त ग्राम पंचायतों के ग्राम विकास अधिकारियों व पंचायत प्रचार अधिकारी द्वारा पंचायत समिति भैंसरोड़गढ़ के परिसर में राज्य सरकार द्वारा जारी आदेशों की होली जलाकर विरोध प्रकट किया। राजस्थान पंचायती राज सेवा परिषद के आह्वान पर अनिश्चितकालीन सामुहिक अवकाश व कार्य बहिष्कार राजस्थान की समस्त 295 पंचायत समिति मुख्यालय पर जारी हैं।
राजस्थान पंचायत राज सेवा परिषद में पंचायती राज के तीन घटक विकास अधिकारी, पंचायत प्रसार अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी सम्मिलित है। वर्तमान भाजपा सरकार के सुराज संकल्प पत्र में वर्णित बिंदु एवं पिछले तीन वर्षों में 9 बार आंदोलन के उपरांत लिखित व्यवहारिक समझौते के आदेश प्रसारित नही होने के कारण राजस्थान पंचायतीराज परिषद आदेश जारी करने की मांग की गई। पंचायती राज के अधिकारियो द्वारा जन कल्याणकारी योजनाओं की सफल क्रियान्वयन कर विभिन्न योजना में देश में प्रदेश का नाम प्रथम स्तर आया है, जिसमें मुख्यतः स्वच्छ भारत मिशन में प्रत्येक घर मंे शौचालय बनवाना, पण्डित दीनदयाल जनकल्याण शिविर में आवासीय पट्टे जारी कर अन्य योजना से लाभान्वित करना, प्रधानमंत्री आवास अपील का निस्तारण व आवास बनवाने में सहयोग करना, 2011 में गुजरात की एक फर्म को ऑनलाइन राशनकार्ड बनाने का दिया गया टेंडर में हजारो प्रिंट सम्बन्धी गलती को ठीक करवाकर लाइफ टाइम ऑनलाइन सिस्टम के करोड़ो राशनकार्ड तैयार करना, 2006 के बाद से नरेगा के जॉबकार्ड नहीं बने थे, वर्ष 2016 में प्रत्येक जॉबकार्ड धारक के आधार, बैंक एकाउंट, फोन नम्बर युक्त करोड़ो लोगो को न्यू जॉबकार्ड जारी करने, सरकार की बहुउद्देश्यीय व बहुआयामी लोकप्रिय भामाशाह योजना के शिविर लगवाकर जनधन में बैंक खाते खुलवाकर करोड़ो भामाशाह कार्ड बनवाने, विभिन्न प्रकार की राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन एवं राजस्थान सरकार की विशेष योग्यजन पेंशन धारकों को पीपीओ को आधार एवं बैंक खातों, फोन नम्बर डाटा अपडेटिंग की गई, जिससे लगभग 80 लाख लोगों को समय पर पेंशन मिलनी शुरू हुई, 2011 से अब तक जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीयन के करोड़ो पंजीकरण को ऑनलाइन करना, प्रदेश में करोड़ो गैस कनेक्शन उज्ज्वला योजना के तहत एवं लाखो प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत डाटा अपडेटिंग व सेक्सन करवाकर पूर्ण करवाना, महात्मा गांधी नरेगा में व्याप्त भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाने के लिए 2007-08 से अब तक निर्मित सभी करोड़ो निजी और सार्वजनिक परिसम्पत्ति के जियोटेगिंग करने साथ ही अन्य विभाग की योजनाओं को क्रियान्वित करने मंे सहयोग करना जैसे कई महत्वपूर्ण कार्यो में भागीदारी निभाई गई। प्रदेश की 295 पंचायत समितियों में कार्य पूर्ण करने वाले 9 हजार ग्राम विकास अधिकारी, 1 हजार 811 पंचायत प्रसार अधिकारी व 295 विकास अधिकारी है।
राजस्थान पंचायती राज सेवा परिषद की मांग है कि 2006 में राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने पंचायती राज उत्थान के लिए बीडीओ जैसे महत्वपूर्ण पद पर अन्य विभागों के अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति को दुर्भाग्यपूर्ण मानते हुए एक नए कैडर का गठन किया गया जो एसडीएम के समकक्ष अधिकारों से युक्त हो, जिसको राजस्थान रूरल डेवलपमेंट सर्विस नाम दिया गया। राजस्थान लोक सेवा आयोग की भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों को यह छूट दी हुई थी कि वो चाहे तो आरएएस बने चाहे तो आरआरडीएस बने। इस प्रकार से वर्ष 2006 से अब तक राजस्थान में 200 आरआरडीएस विकास अधिकारी बनकर विभाग के चहुंमुखी विकास के भागीदार हैं। अभी भी 95 बीडीओ के पद पर अन्य विभागो से प्रतिनियुक्ति पर लगे हुए है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि 2006 में नियुक्त आरएएस तो उपखंड अधिकारी से एडीएम बन गए जबकि आरआरडीएस अभी भी विकास अधिकारी हैं इनके प्रमोशन की कोई नियम नही हैं। पंचायत प्रसार अधिकारी की पांच वर्ष की सेवा के बाद में अतिरिक्त विकास अधिकारी पद पर पदोन्नति के नियम है। वर्तमान में 2 हजार 376 पद के मुकाबले नियोजित 1 हजार 811 पंचायत प्रसार अधिकारी मंे से 328 अतिरिक्त विकास अधिकारी पद 2013 से सृजित हैं, लेकिन अभी तक एक भी पीईओ का एबीडीओ पद पर पदोन्नति नहीं हुई है। ग्राम विकास अधिकारी की 2016 में हुई 3 हजार 642 पदों पर भर्ती में से 1 हजार 62 पदों की वेटिंग लिस्ट चार माह पहले जारी होने के बावजूद भी जिले आवंटित नही हो रहे है। वर्ष 2013 से अब तक हर विभाग में पदोन्नति के लिए चार से पांच बार डीपीसी हो गयी हैं जबकि ग्राम विकास अधिकारी की पीईओ पद के लिए 5 साल में एकबार भी डीपीसी नही हुई हैं। 1999 में नियुक्त ग्राम सेवक को ग्रेड ही दिया गया, जबकि अन्य बहुत से सँवर्ग जो ग्राम सेवक सचिव पद के साथ 3200 बेसिक पे स्केल पर थे, उनको 2013 में रिव्यू पे ग्रेड 2800 दे दिया, ताकि 9 साल बाद स्वभाविक रूप से 3600 पे ग्रेड मिल जाए जैसी मांगो पर 9 बार लिखित समझौते के बावजूद भी आदेश जारी करने की मांग की जा रही है। धरने पर बैठने वालों में पंचायत प्रचार अधिकारी सत्येंद्र सिसोदिया, लोकेश जैन, ग्राम विकास अधिकारी चंद्र सिह भाटी, मुकेश कुमार मारू, नारायणलाल भाम्बी, महेश शर्मा, गणपत लाल शर्मा, श्रीनाथ गुप्ता, धर्म सिंह पंवार, भरत निहलानी, सत्यनारायण शर्मा, भोजराज गुर्जर, हंसराज, डुंगरलाल, जयप्रकाश सहित कई ग्राम विकास अधिकारी उपस्थित थे।