रावतभाटा – शिव सिंह चौहान (पत्रकार) अतिरिक्त कलेक्टर (प्रशासन) दीपेन्द्र सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में बुधवार को जिला परिषद के ग्रामीण विकास अभिकरण सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई।
अतिरिक्त कलेक्टर ने चिकित्सा अधिकारी प्रभारियों को मौसमी बीमारियों से सजग एवं सतर्क रहकर क्षेत्र भ्रमण के निर्देश प्रदान किए। पैरामेडिकल स्टाफ के मुख्यालय पर ठहराव व चिकित्सा संस्थानों पर जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश प्रदान किए। उन्होंने अवगत कराया कि आगामी समय में मौसमी बीमारियों हेतु मौसम अनुकूल रहेगा। आमजन को मौसमी बीमारियों के प्रति जागरूक करें।
उन्होंने संवेदनशील रहकर विभागीय गतिविधियों के सफल क्रियान्वयन एवं रिकॉर्ड संधारण के निर्देश प्रदान किये। उन्होंने प्रसव पूर्व जांच पंजीकरण की समीक्षा करते हुए प्रसूताओं को आईएफए, केल्शियम व आयरन की टेबलेट का नियमानुसार वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश प्रदान किए, साथ ही प्रसव पूर्व जांच यथा सिफलिस, एचआईवी व हीमोग्लोबिन की मानक मापदण्ड़ों के अनुसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. इन्द्रजीत सिंह ने घर-घर पोषण माह को जनआंदोलन के रूप में मनाये जाने के निर्देश प्रदान किये। उन्होंने इसे समुदाय आधारित, स्वयं सेवी संस्थाओं का सहयोग लेकर सफल बनाये जाने की अपील की तथा पोषण माह के दौरान महिलाओं की स्क्रीनिंग कर जांच के निर्देश भी दिये।
डॉ. सिंह ने दैनिक ओपीडी के दौरान चिकित्सा संस्थान पर आने वाले बुखार के रोगियों को ऐजीथ्रो माईसिन एवं डाक्सीसाईक्लीन दवा देने के निर्देश प्रदान किये। उन्होंने संस्थागत प्रसव की लक्ष्यानुसार प्रगति की समीक्षा करते हुए खण्ड बड़ीसादड़ी को प्रगति के निर्देश प्रदान किये।
उन्होंने कहा कि भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए चिकित्सा संस्थानों में ओपीडी के दौरान आने वाले पात्र एनएफएसए लाभार्थियों को योजना से लाभान्वित किया जाना सुनिश्चित करें एवं अधिक से अधिक आमजन को योजना का लाभ प्राप्त हो इस हेतु चिकित्सा अधिकारी बेहतर प्रयास करें। संस्थागत प्रसव की समीक्षा करते हुए उन्होंने चिकित्सा संस्थान पर होने वाले प्रसवों की प्रसूताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराए जाने हेतु निर्देश दिए एवं भदेसर व गंगरार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की कम प्रगति को गंभीरता से लिया।

डॉ. जयसिंह मीणा ने आंचल मदर मिल्क बैंक चित्तौड़गढ़ द्वारा 15 सितम्बर को आयोजित शिविर में समस्त चिकित्सा अधिकारियों से पात्र माताओं को भिजवाये जाने के निर्देश प्रदान किये। उन्होंने मदर मिल्क की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए अवगत कराया कि आंचल बैंक द्वारा अनाथालय व आश्रयस्थल पर दुग्ध सप्लाई का कार्य सफलता पूर्वक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले का आंचल बैंक प्रदेश स्तर का एक मात्र ऐसा मदर मिल्क बैंक है, जो ऐसे बच्चों को दूध उपलब्ध करा रहा है, जिनकी माँ की बच्चों को जन्म देकर मृत्यु हो गई।
बैठक में मुख्यमंत्री राजश्री योजना, मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा एवं जांच योजना, भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना, संस्थागत प्रसव, जननी सुरक्षा योजना, परिवार कल्याण, टीकाकरण व मौसमी बीमारीयों की खण्डवार प्रस्तुतीकरण के माध्यम से समीक्षा की गई।
बैठक में नगरपरिषद्, खण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी, उपमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (स्वास्थ्य) सहित जिला स्तरीय सलाहकार उपस्थित थे।