झारखंड – कानून सबके लिए समान है चाहे वह गरीब हो या अमीर हो
पर रियल में ऐसा नही होता है रसूखदार लोग अपने पैसे और पहुँच की वजह से कानून को अपनी रखैल समझते है उनके लिए कानून तो बस खिलौने के समान है जब चाहे जैसे चाहे यूज कर लो
ऐसी ही बानगी देखने को मिली है झारखंड निवासी मनमोहन पटवा के केस में यह पिछले 14 वर्षों से न्याय के लिए लड़ाई लड़ रहे है
इनको पुलिस के बड़े अधिकारियों ने झूठे मुकदमे में फंसा दिया था
कोर्ट ने भी बिना जांच पड़ताल कर इनको सजा सुना दी थी
यह जेल में भी रहकर आये ।
लेकिन जब जांच हुई तो पूरा मुकदमा फर्जी निकला
ऐसे में पुलिस अपनी बदनामी छुपाने के लिए समझौते के लिए लगातार दबाउ बनाती रही लेकिन मनमोहन जी ने समझौता नही किया ।
कोर्ट को भी अपनी बदनामी को छुपाना था कोर्ट ने अपनी गलती मानी की हमने एक निर्दोष को सजा दे दी
पर आज भी मनमोहन पटवा न्याय के लिए भटक रहे है उन्होंने मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक न्याय की गुहार लगा ली है पर कोई नतीजा नही निकला