कोटा – राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत जन्मजात विकारों से ग्रसित दो बच्चियों का 31 अगस्त को निशुल्क ऑपरेशन करवाया गया है। दोनो बालिकाएं अब स्वस्थ है। कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी डॉ एमके त्रिपाठी ने बताया कि क्लेफ्ट पेलेट (कटे तालू) से ग्रस्त खातोली निवासी 14 वर्षीय खुशीरानी की सर्जरी शहर के निजी आलोक हॉस्पिटल में, वहीं टंग टाई से ग्रसित इटावा के कीरपुरा (गेंता) निवासी 11 वर्षीय वसुन्धरा की सर्जरी शहर के ही एमबीएस चिकित्सालय में करवाई गई है। इन बच्चियों को मोबाइल हैल्थ टीमों ने इनके गांवों के सरकारी स्कूलों में स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान चिन्हित कर जिला स्तर पर रेफर किया था। दोनो बेटियों गरीब परिवारों से हैं। खुशीरानी की मां का चार साल पूर्व देहांत हो गया, वह अपने नाना अब्दुल हकीम के पास रहती है। वंसुधरा के पिता रामेश्वर मजदूरी कर घर गुजारा करते हैं। इस कारण दोनो के ही परिवार इनके ऑपरेशन का खर्च वहन करने की स्थिति में नही थे। ऐसे में सरकार के आरबीएसके कार्यक्रम में निशुल्क ऑपरेशन हो जाने से बेटियों के चेहरे पर मुस्कान और परिवार में खुशियां लौट आई है।

डीईआईसी मेनेजर ने बताया कि आरबीएसके कार्यक्रम में सरकारी स्कूलों, मदरसों व आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजिकृत 18 वर्ष तक की उम्र के बच्चों का मोबाइल हैल्थ टीमो द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। जिसमें जन्मजात विकारों व दिल में छेद समेत 38 तरह की बिमारियों में रोग ग्रस्त पाए जाने वाले बच्चों का निशुल्क उपचार करवाया जाता है