कोटा – स्वतंत्रता सेनानी,कवि और हाड़ोती के जन नेता भैरव लाल काला बादल को स्मरण करते हुए उनके जन्म दिवस 4 सितम्बर के अवसर पर आज जन विचार मंच, दलित शोषण मुक्ति मंच और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के संयुक्त तत्वाधान में विचार गोष्ठी का आयोजन आज 12 .30 बजे से कार्यालय राजस्थान मेडिकल एंड सेल्स रेप्रेज़ेंटेटिव यूनियन मारुती कॉलोनी नयापुरा कोटा में किया गया ! गोष्टी में साहित्यकार नागेंद्र कुमावत ने विषय प्रवर्तन के साथ स्वंतंत्रता सेनानी भैरव लाल काला बादल के जीवन अंश प्रस्तुत करते हुए 1857 से 1947 तक के स्वंतंत्रता संग्राम में कालाबादल की महत्ती भूमिका को रेखांकित किया ! किसान नेता दुलीचंद बोरदा ने कालाबादल के तत्कालीन सामंतों और सूदखोरों और हाकिमों के खिलाफ संघर्ष में योगदान और उनके विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कालाबादल जाति विशेष के नेता नहीं थे ! कालाबादल स्वंतंत्रता आंदोलन के समय राजस्थान में कांग्रेस कि नीवं डालने वालों में थे पर जब कांग्रेस ने किसान मज़दूरों के हित की विचारधारा छोड़ी तो उन्होंने भी कांग्रेस को छोड़ने में देर नहीं की ! विचार गोष्ठी में विजय सिंह राघव, हंसराज चौधरी, नन्दलाल धाकड़, अब्दुल हमीद गौड़, दिलखुश मीणा, अशोक लोदवाल, प्रेमशंकर मीणा और रामकैलाश मेघवाल ने स्वर्गीय भैरव लाल काला बादल के साथ अपने संस्मरणों को रखते हुए उनके व्यक्तित्व और उनके द्वारा समाज व देश हित में किये कार्यों और स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी भूमिका के बारे में विचार व्यक्त किये ! वक्ताओं ने कहा कि देश की आजादी में हाड़ोती का सन सत्तावन की क्रांति से ही महत्वपूर्ण योगदान रहा है हाड़ोती के हमारे पूर्वज स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत को हमे संभाल कर रखना होगा जो दलगत राजनीती और जातियों के दायरे में कैद हो गयीं हैं ! आज उन्हें जातिगत दायरे से मुक्त करा के ही हम उनकी विरासत को जिन्दा रख पाएंगे और आजादी के बाद उनके सपनो को पूरा कर पाएंगे !विचार गोष्टी के अध्यक्षता मंडल में वरिष्ठ साहित्यकार नागेंद्र कुमावत, सर्वोदयी कार्यकर्त्ता अब्दुल हमीद गौड़ छात्र नेता प्रेमशंकर मीणा और दलित शोषण मुक्ति मंच के जिला संयोजक रामकैलाश मेघवाल शामिल थे ! अंत में कालाबादल को मोन श्रद्धांजलि देकर सभी उपस्थित लोगों ने आगामी रुपरेखा भी तैयार की !