रावतभाटा – शिव सिंह चौहान (पत्रकार) रावतभाटा उपखंड के राजकीय महाविद्यालय पर कड़ी सुरक्षा के बीच कॉलेज के विभिन्न पदों के लिए मतदान प्रक्रिया शुक्रवार को सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे शांतिपूर्वक संपन्न हुई। इसी के साथ मतपेटियों में प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला बंद हो गया, जो अब 11 सितंबर को ही सामने आएगा। मतदान को लेकर कॉलेज में काफी गहमागहमी का माहौल रहा। राजकीय महाविद्यालय रावतभाटा में 487 छात्र मतदाताओं में से 414 छात्र मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर कॉलेज की सरकार का चुनाव किया। छात्र संघ चुनाव में शुक्रवार को छात्र-छात्राओं में जबरदस्त उत्साह दिखा। चुनाव के दौरान करीब 85 प्रतिशत छात्र मतदाताओं ने अपने मतांे का प्रयोग किया। मतदान शांतिपूर्ण व निष्पक्ष कराने के लिए कॉलेज में पुलिस बल तैनात किया गया था।
शुक्रवार को प्रातः 8 बजे मतदान शुरू हुआ। मतदान करने आये छात्र व छात्राओं को जांच के बाद ही मतदान केंद्रों पर प्रवेश दिया गया। मतदान को लेकर भारी उत्साह, जोश के साथ दोनों संगठनों द्वारा अपने-अपने प्रत्याशियों के पक्ष में जमकर नारेबाजी करते हुए देखा गया। छात्रसंघ चुनाव को लेकर रावतभाटा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भवानीशंकर मीणा व पुलिस उपाधीक्षक दिनेश कुमार यादव ने पुलिस बल के साथ कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। साथ ही तैनात बल को बिना जांच के छात्रों को मतदान केंद्रों पर प्रवेश नही करने के निर्देश दिए। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्यवाहक उपजिला कलेक्टर श्रीकांत व्यास, रावतभाटा थानाधिकारी चौथमल वर्मा, भैंसरोड़गढ़ थानाधिकारी पर्वत सिंह सोलंकी सहित कई अधिकारी व पुलिस जाब्ता मौजुद था। इस दौरान दोनों पार्टियों के नेता मौजुद थे।

कॉलेज कैम्पस में सुबह से वोटिंग की रफ्तार काफी धीमी रही, लेकिन दोपहर बाद मतदाताओं की भीड़ उमड़ी। ऐसे में अंतिम समय में वोटिंग प्रतिशत में इजाफा हुआ। मतदान के लिए अंतिम समय तक प्रत्याशियों और समर्थकों ने मतदाताओं को वोट के लिए नतमस्तक होकर गुहार लगाई। आखिरी समय तक वोट के लिए कन्वेंसिंग की। मतदान के बाद प्रत्याशियों ने अपनी-अपनी जीत के दावे किए।
राजकीय महाविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव के लिए शुक्रवार को मतदान हो चुका है, लेकिन अभी राजकीय महाविद्यालय कैम्पस में छात्रसंघ चुनावों की चर्चाएं जारी हैं। इस दौरान छात्र अपने-अपने प्रत्याशियों की जीत का दावा कर रहे हैं। राजकीय महाविद्यालय कैम्पस में चुनावों के परिणाम की ही चर्चा है।
हालांकि अभी 11 तारीख को मतगणना होनी है। इसके बाद ही परिणाम जारी किए जाएंगे, लेकिन प्रत्याशी समर्थक वोटों की हार-जीत के समीकरण के साथ अपने प्रत्याशी को जीता हुआ मान रहे हैं। कैम्पस में छात्रसंघ चुनाव की चर्चा आम रही। जो भी छात्र-छात्राएं कैम्पस में दिखे उनके मुहं से एक ही बात निकल रही है कि वो जीत रहा है और वो हार रहा है।
बहरहाल, मतदान की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद मतपेटियों को सुरक्षित रखवाया गया, अब 11 सितंबर को होने वाली मतगणना के बाद परिणाम जारी किए जाएंगे।
इस बार छात्रसंघ चुनाव में मतदान और मतगणना की प्रक्रिया अलग-अलग दिन संपन्न होनी है, लिहाजा मतपेटियों की सुरक्षा भी एक बड़ी चुनौती है। इस बार 11 सितम्बर को मतगणना का समय निर्धारित किया गया है। तब तक मतपेटियों को कड़ी पुलिस सुरक्षा में रखा जाएगा।

छात्र संघ चुनाव में राजनीतिक पार्टियां भी दिलचस्पी ले रही थीं। एबीवीपी प्रत्याशियों के समर्थन में वोट मांगने के लिए कॉलेजों में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। एनएसयूआई प्रत्याशियों के लिए वोट मांगने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भी कमी नहीं थी। वे अपने अनुभव व वरिष्ठता का हवाला देते हुए छात्रों से अपने-अपने प्रत्याशियों को वोट देने की अपील कर रहे थे। एबीवीपी के प्रत्याशियों के पक्ष में भाजपा नेता रविप्रताप सिंह गौड़, ग्राम पंचायत बाड़ौलिया सरपंच श्रीमती काली बाई मीणा, भाजयुमो के अध्यक्ष हर्ष जैन, पूर्व भाजपा नगर अध्यक्ष राजेंद्र दशौरा, दिनेश रेठूदिया, रौनक चौधरी, गजेंद्र सिंह जगपुरा, सत्यनारायण पोरवाल, किरण चौरड़िया, कार्तिक तोमर सहित कई कार्यकर्ता व पदाधिकारी मौजुद रहे। वहीं दूसरी ओर एनएसयूआई के प्रत्याशियों के पक्ष में कांग्रेस से नपा के प्रतिपक्ष नेता धर्मेंद्र तिल्लानी, कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष सदर बाबू खां, नरोत्तम जोशी, पालिका के पार्षद नारायण सिंह ढलमू, प्रकाश देवड़ा, मन्नू खां सहित कई पदाधिकारी मौजुद थे।