छबड़ा के राजकीय महाविद्यालय एवं स्वपोषित अमरचंद राजकुमारी बरडिया जैन विश्व भारती महाविद्यालय में नामांकन खारिज एवं नाम वापसी के चलते अध्यक्ष सहित अन्य पदो पर आमने-सामने की टक्कर नज़र आ रही है वहीं स्वपोषित महाविद्यालय मे एबीवीपी के प्रत्याशी का अपराधिक प्रकरण के चलते नामाकंन खारिज हो जाने से कार्यकर्ताओ मे भारी रोष व्याप्त है।

प्राचार्य आरसी मीना ने बताया कि महाविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष पद के लिए छः प्रत्याशियो द्वारा नामाकंन भरा गया था उसमे मुकेश पांचाल एवं लाखनसिंह गुर्जर का स्थानीय थाने में अपराधिक प्रकरण दर्ज होने के चलते नामाकंन खारित हो गया है। वहीं महेश मालव का नामाकंन आयु दस्तावेजो मे फर्क होने के चलते नामाकंन खारिज हुआ है वहीं एक अन्य प्रत्याशी महावीर नामदेव ने नाम वापस ले लिया है इसी के चलते अध्यक्ष पद पर बिट्ठल मीणा एवं कोशल कश्यप ही मैदान मे रहे है। इसके अलावा महासचिव, उपाध्यक्ष एवं सचिव पद पर भी दो दो ही उम्मीदवार होने से इन पदो पर भी आमने-सामने की टक्कर है। महासचिव पद पर सोनु कुशवाह एवं दिनेश मीणा, उपाध्यक्ष पद पर मनीष नागर का नामाकंन खारिज होने से अब अरविन्द भारद्धाज, नरेन्द्र नागर मैदान मे रहे है। वहीं संयुक्त सचिव पद पर जितेन्द्र सुमन व दिलखुश पंकज मे टक्कर है। वहीं राजकीय महाविद्यालय में अध्यक्ष पद पर एक प्रत्याशी सविता लोधा द्वारा नाम वापस लेने से अब इस पद पर आमने-सामने की टक्कर है अध्यक्ष पद पर राजेन्द्र मेहता एवं रवि लोधा में मुकाबला होगा । उपाध्यक्ष पर राजेन्द्र कुशवाह, दीपू योगी एवं हर्षिता शर्मा के मैदान में रहने से इस पद पर त्रिकोणीय मुकाबला होगा एवं महासचिव पद पर अशोक पांचाल, दीपक नागर सयुक्त सचिव पद पर सुश्री रवीना एवं महेश जाटव मे आमने-सामने की टक्कर होगी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने उनके प्रत्याशी का कोई अपराधिक प्रकरण नहीं होने के बावजूद नामाकंन खारिज करने पर भारी रोष जताते हुए इसके विरूद्ध आन्दोलन की चेतावनी दी है।