कोटा– राजस्थान के कोटा जिले में कार्यरत क्राइम इन्वेस्टीगेशन एजेंसी को सरस बूथ संचालको द्वारा सरस बूथ आवंटन पर निष्पक्ष जाच हेतु लगाई गुहार राजनेतिक दबाव के कारण एसीबी के अनुसन्धान का कार्य रोक दिए जाने के बाद बूथ संचालको द्वारा मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया साथ ही अपराध विशेषज्ञ व क्राइम इन्वेस्टीगेशन एजेंसी के निर्देशक भूपेंद्र वर्मा (मृत्युंजय ) उनके अपराध विशेषज्ञ अतुल पारीक को मूल दस्तावेजो के साथ अपने मामले से अवगत करवाया जिसमे निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की गयी

हम आपको बता दे की क्राइम इन्वेस्टीगेशन एजेंसी कोटा में पहले भी पीडितो द्वारा निष्पक्ष जांच के लिए सुर्खियों में आई हुई है जो निजी तोर पर अपराध विशेषज्ञों द्वारा निशुल्क तौर पर आम नागरिको को पुलिस के समकश न्याय दिलाने का कार्य करती है

पीडितो द्वारा कोटा के बहुचर्चित करोड़ो के भ्रस्टाचार में लिप्त बूथ आवंटन के मामले में प्रशासन से हारकर अपने मोलिक अधिकारों का प्रयोग कर पीडितो ने क्राइम इन्वेस्टीगेशन एजेंसी के निर्देशक और अपराध विशेषज्ञ भूपेंद्र वर्मा (मृत्युंजय ) को सुनाई अपनी आप-बीती जिसके बाद मृत्युंजय द्वारा निष्पक्ष जांच का दिया गया आश्वाशन

बूथ आवंटन के करोड़ो के भ्रस्टाचार के मामले में मजिस्ट्रेट से निवेदन किया की अपराध प्रक्रिया सहिंता ,1973 के अनुबघ 202 के तहत क्राइम इन्वेस्टीगेशन एजेंसी के निर्देशक व अपराध-विशेषज्ञ भूपेंद्र वर्मा (मृत्युंजय) को अनुसन्धान के लिए आर के पुरम थाने का थानाधिकारी नियुक्त कर पारदर्शी जांच करने के लिए आदेश देने की मांग की गयी ।