निधि प्रजापति कोटा राजस्थान

नाम: निधि प्रजापति
पता: कोटा,राजस्थान

पद:
ट्रस्टी और अध्यक्ष: सोसाइटी हेज ईव इन्टरनेशलन ट्रस्ट
राजस्थान संयोजक: राष्ट्रीय युवा योजना
राष्ट्रीय संयोजक: वीमेन वेलफेयर आर्गेनाइजेशन ऑफ वर्ल्ड
ब्रांड अम्बेसडर : यूनिकल्चर ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
सी.ई.ओ. : वीमेन वेलफेयर आर्गेनाइजेशन ऑफ वर्ल्ड
सचिव: कल्पित एक प्रयास
प्रशिक्षित प्रशिक्षक

शिक्षा: इतिहास, शिक्षा, सोशल वर्क, निर्देशन व परामर्श एवं गाँधीवादी विचारधारा व शांति विषयों मे स्नातकौत्तर शिक्षा प्राप्त करने के साथ ही एम.एड., बी.एड. कर वर्तमान मे शिक्षा के क्षेत्र में वर्धमान महावीर खुला विश्वविध्यालय से “ए स्टडी ऑफ स्ट्रेस अमंग कोचिंग स्टूडेन्ट्स इन रिलेशन टू दियर अकेडमिक एण्ड साईकोजेनिक वेरियेबल्स” विषय पर पी.एच.डी कर रही
भारत से गए भारतीय प्रतिनिधिमंडल में निधि प्रजापति ने मालदीव, श्रीलंका, भूटान, नेपाल और बांग्लादेश में राजस्थान एवं देश का प्रतिनिधित्व किया है इन सभी प्रतिनिधिमंडलों में भारत सरकार एवं नेशनल यूथ प्रोजेक्ट द्वारा निधि प्रजापति का चयन उनके द्वारा महिला सशक्तिकरण, शिक्षा,पर्यावरण, एड्स, शांति व सद्भावना एवं सांस्कृतिक संरक्षण हेतु किये गए विभिन्न सामाजिक कार्यों के आधार पर हुआ तथा सभी स्थानों पर निधि प्रजापति ने राजस्थानी लोक नृत्य जिनमें घूमर,चरी, तहरातली, कालबेलियाँ, गोरबंद की प्रस्तुति दी
समाज सेवा की विकास यात्रा: 2003 में पहली बार निधि प्रजापति महात्मा गाँधी जी की जीवंत प्रतिलिपि डॉ. एस. एन. सुब्बाराव से मिली, जिन्होंने अपना जीवन बालकाल से ही समाज को समर्पित किया हुआ है इन्होने नारा दिया- एक घंटा देह को, एक घंटा देश को, और उनके देश के प्रति जोश, त्याग, समर्पण और जस्बे को देखकर तभी से समाज सेवा करने का प्रण ले लिया उन्हीं की प्रेरणा से प्रतिदिन कम से कम एक घण्टा समाज सेवा के रुप मे देश सेवा हेतु समर्पण के भाव से व्यतीत करती हूँ प्रारंभ में समाज सेवा के क्षेत्र में परेशानियाँ आई पर अपने अटूट संकल्प के साथ इस संसार मे बनी रही और कुछ विरोध के बाद मेरी जिद के आगे सभी विरोधियों ने आत्मसमर्पण कर दिया और उसके बाद मुझे समाज सेवा के कार्यो को नही रोका लडक़ी होने के नाते समाज के लोगों ने ना केवल मेरी आलोचना की बल्कि मुझ पर भी मनगढन्त आरोप लगाने शुरु कर दिये, लेकिन अपनी लगन के आगे उनकी कोई परवाह नही की और वो कर दिखाया जो आज तक कोई नहीं कर पाया कोटा की धरती पर 2013 में 4 देशों के 350 युवाओं का इंटरनेशनल यूथ पीस एवं हार्मनी कैंप लगाया, कोटा की पहली महिला नेशनल यूथ अवार्डी पूरे देश में पहले नंबर पर बनी, कोटा की पहली युवा बनी जिसने विश्व की सबसे लम्बी रेल यात्रा “जाग्रति यात्रा” में राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया प्रारंभ में सभी कार्य खुद की मासिक तनख्वाह से करती थी पर बाद में जैसे जैसे लोगों को कार्यों की आवश्यकता और उद्देश्यों का पता लगा आगे होकर आर्थिक सहायता के लिए प्रस्ताव आने लगे और आज खुद का ट्रस्ट बना कर उसमें 50 सदस्यों के साथ कोटा में सामाजिक सरोकार के कार्य में संलग्न है
संघर्ष का सफ़र: माता पिता ने मुझे शिक्षा प्राप्त करने का मेरे भाईयों के समान अवसर दिया शिक्षा के साथ साथ ही मेहँदी लगाने का कार्य भी प्रारंभ किया जिससे कुछ अर्निंग हो जाती थी शिक्षा में स्नातक के बाद ही समाज के लिए कुछ अलग करने की चाह और एक सी.बी.एस.ई. स्कूल में आदर्श शिक्षक बनने का सपना देख लिया ।बी.एड. करने के बाद अपना व्यावसायिक जीवन 2008 में एक शिक्षिका के रूप में प्रारंभ किया हिन्दी माध्यम के सरकारी विद्यालय से पड़ी लिखी होने के कारण प्रारंभ में कुछ परेशानियाँ आई लेकिन सपने के अनुरूप पहली नौकरी सी.बी.एस.ई. स्कूल में 2250 रूपये की मिल गई तत्पश्चात 2011 एम.एड. करने की इच्छा व्यक्त की परन्तु माता-पिता की आर्थिक स्थिति सही नहीं थी इसलिए कोटा से 86 किलोमीटर दूर झालावाड़ में सेंट जोसफ इंटरनेशनल विद्यालय में जॉब की तब से शिक्षण का कार्य करते हुए वर्ष 2013 में कोटा के प्रतिष्ठित सी.बी.एस.ई. स्कूल प्राचार्य के पद पर भी कार्य किया वर्तमान में व्याख्याता के पद पर कार्यरत है अब तक 16 नेशनल, इंटरनेशनल कोन्फेरेंस और सेमिनार में अपनी प्रस्तुति 13 शोध पत्रों के प्रकाशन के साथ दे चुकी है । शोध पत्र भी विशेष रूप से आज की आवश्यकता के अनुरूप स्ट्रेस मैनेजमेंट ऑफ स्टूडेंट्स, ई. लर्निंग, लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम, रिकॉर्ड मैनेजमेंट सिस्टम, ओपन एजुकेशल रिसोर्सेस, मोडल्स, टेबलेट एजुकेशन, पर्यावरण शिक्षा, विद्यार्थियों में तनाव आदि विषयों पर लिखे । कोटा की ज्वलंत समस्या कोचिंग छात्रों द्वारा की जाने वाली आत्महत्याओं और तनाव पर शोध पत्र यूनेस्को, यूरोप और अमेरिका के अन्तराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हुआ है

प्रमुख राष्ट्रीय उपलब्धियां:
1.राष्ट्रीय युवा पुरस्कार , 2016 भारत सरकार के युवा एवं खेल मन्त्रालय द्बारा
2.प्रथम डॉ. एस. एन. सुब्बाराव पुरस्कार 2018, महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में डॉ. एस. एन. सुब्बाराव फाउंडेशन द्वारा दिल्ली के लोटस टेम्पल में
3.प्रथम वीमेन ऑफ द ईयर अवार्ड 2018 अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर भुवनेश्वर में शताब्दी फाउंडेशन द्वारा
4.वीमेन एम्पावरमेंट अवार्ड 2018 सेंटर ऑफ एडवोकेसी रिसर्च द्वारा कटक ओड़िशा में

5.अंतर्राष्ट्रीय ब्रह्म कुमारी संस्था द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सम्मानित 2017
6.मालदीव सरकार द्वारा 2016 में सम्मानित
7.मतदान जागरूकता कार्यक्रमों हेतु प्रतिभा सम्मान जिला प्रशासन कोटा द्वारा 2015, 2016 एवं 2017 में
8.इन्टरनेशनल युथ एन.जी.ओं.सम्मिट द्बारा 2015 सामाजिक सरोकार हेतु विशेष सम्मान
9.यंग विमेन लीडर अवार्ड सम्मान 2014, आई आई एम लखनऊ द्बारा
10. जिला प्रशासन कोटा द्वारा दो बार विशेष “प्रतिभा सम्मान” स्वतंत्रता दिवस (2013)और गणतंत्र दिवस (2016) पर राजकीय समारोह में

इनके अलावा 40 से अधिक पुरस्कार विभिन्न संस्थाओं द्वारा

संक्षिप्त कार्य विवरण:
1.विद्यार्थियों को तनाव से बचाने और खुशियाँ लाने के लिए लिव पॉजिटिव कैम्पेन चलाया जिसके अंतर्गत 20 मोटिवेशल कार्यशालाएं आयोजित की गई
2.मासिक धर्म से जुड़े आडम्बरों, और मिथ्यों को दूर करने हेतु कार्यशालाओं का विद्यालयों में आयोजन
3.संसाधन युक्त शिक्षा प्रदान करने हेतु स्टेशनरी बैंक की स्थापना 2018 में की गई जिसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को संसाधन प्रदान किये जायेंगे
4.गुड टच बेड टच की रेगुलर कार्यशालाओं का विभिन्न संस्थाओं और विद्यालयों में आयोजन करना
5.कोटा में बेटी बचाओं की 25 x 25 की सबसे बड़ी रंगोली किशोर सागर तलाब पर 14 फरवरी को बनाई गई
6.बेटी बचाओ-बेटी पढाओं, पौधारोपण, जेंडर इक्वलिटी, स्वच्छता अभियान, पौलिथिन मुक्त कोटा अभियान, एड्स जागरूकता जैसे कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी
7.नेहरु युवा केंद्र एवं नेशनल यूथ प्रोजेक्ट में नियमित रूप से व्यक्तित्व विकास एवं महात्मा गाँधी के 11 व्रत की कार्यशाला आयोजित करना

8.अंतर्राष्ट्रीय युवा, शांति एवं सद्भावना शिविर का आयोजन 2013
9. 3 रक्तदान शिविर लगाये व स्वयं 28 बार रक्तदान कर चुकी है
10. बोरखंडी में कलाम वाटिका की स्थापना एवं उसकी देख रेख करना
11. 5000 पौधों का पौधारोपण रामगंजमंडी में एवं अनेकों पौधारोपण कार्यक्रम कोटा में जिसके अंतर्गत विशेष रूप से दुर्लभ कल्प वृक्ष लगाना
12. रामगंजमंडी में 60 गाड़ियाँ –लुहारों के बच्चों के लिए नि:शुल्क शिक्षा की व्यवस्था “विद्या निधि शाला” में गत 2 वर्ष तक की गई तथा उन्हें सरकारी विद्यालय में दाखिला दिलाया वहाँ पर इन बच्चों को कोपी-किताब, पेन, पेंसिल, रबर, साबुन, तेल, टूथ पेस्ट, ब्रश, कपड़ों आदि की व्यवस्था भी की जाती थी
13. प्रतिवर्ष गाँधी जयंती और विवेकानंद जयंती पर 5 दिवसीय से लेकर 7 दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन 14
14. शांति एवं सद्भावना से सम्बंधित कार्य 2006 से