छबड़ा में भारतीय कुमावत क्षत्रिय महासभा की युवा इकाई जिला बारां की बैठक आयोजित हुई जिसमें मृत्युभोज को बंद करने का निर्णय लिया गया। तथा साथ ही समाज के लोगो ने मृत्युभोज का आयोजन नही करने का भी संकल्प लिया।

युवा इकाई के पूर्व जिला अध्यक्ष राजेश कुमावत ने बताया कि रविवार को पालिका क्षेत्र के सांडू के बाग में भारतीय कुमावत क्षत्रिय महासभा की युवा इकाई जिला बारां की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता युवा जिला अध्यक्ष ललित कांकर ने की। इस बैठक में मृत्युभोज जैसी कुरीति को बंद निर्णय लिया गया तथा इस दौरान बैठक में भाग लेने पहुंचे समाज के लोगो ने परिवार में किसी भी सदस्य की मृत्यु हो जाने पर मृत्युभोज नही करने का संकल्प लिया गया। उन्होनें बताया कि इस कुरीति का सभी को समाज को त्याग करना चाहिए। क्योकि मृत्युभोज खाने से ऊर्जा नष्ट होती हैं एवं यह एक फिजूल खर्च हैं जो कि गरीब परिवारों की आर्थिक स्थिति को तोड़ देता हैं। जिस परिवार पर मृत्यु जैसी विपदा आई हो तो उसके साथ इस संकट के क्षण में जरूर साथ खड़े होकर तन, मन, धन से सहयोग करे लेकिन मृत्युभोज का पुरजोर बहिष्कार करें। हमारे वैद, पुराण, गीता, भागवत एवं रामायण जैसे धार्मिक ग्रंथो में मृत्युभोज का उल्लेख तक नही मिला हैं। इस बैठक में जिला अध्यक्ष ललित कुमावत द्वारा मृत्युभोज को जड़ से मिटाने का आह्वान करते हुए आगामी 19 अगस्त को जयपुर में समाज के चिन्तन शिविर में समाज के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की। बैठक में युवा इकाई के जिला अध्यक्ष ललित कुमावत ने राधेश्याम कुमावत और छीतर लाल कुमावत को सेवानिवृत होने पर व राजु कुमावत को अमरनाथ यात्रा करने पर प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस बैठक में राजमल कुमावत, मोहन लाल कुमावत, राजेन्द्र कुमावत अध्यापक, नवल कुमावत, राधेश्याम कुमावत अध्यापक, राजेन्द्र कुमावत उदपुरिया, महिपाल कुमावत, मांगीलाल कुमावत, जितेन्द्र कुमावत, मुकेश कुमावत किशनपुरा, द्वारका लाल कुमावत कवाई आदि ने भाग लिया। इस कार्यक्रम की समाप्ति राष्ट्रगान के साथ की गई।