छबड़ा में संचालित आईसीआईसीआई बैंक से फर्जी तरीके से केसीसी उठाने के मामले में गत एक वर्ष से फरार चल रहे केसीसी एजेन्ट व एक महिला पुलिस ने गिरफ्तार कर लिए हैं। इस आरोप मे पूर्व में आधा दर्जन आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। तथा पुलिस ने इस मामलें में आईसीआईसीआई बैक के कर्मचारियों से भी जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।

सर्किल इंस्पेक्टर ताराचंद बंशीवाल ने बताया कि गत 4 जुलाई 2017 को जवाहर नगर झालावाड रोड बारां निवासी दिनेशचंद गौत्तम ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कर आरोप लगाया था कि उसके ताऊ कन्हैयालाल, भैरुलाल निवासी खानपुर तथा पिता देवीशंकर शर्मा निवासी बारां के खाते की कुल 98 बीघा जमीन अटरू तहसील के गांव ननावता में स्थित है। उसके ताऊ व पिता की मृत्यु हो चुकी है। उक्त जमीन पर किन्ही अज्ञात व्यक्तियों ने छबड़ा की आईसीसीआई बैंक के कर्मचारीयों से सांठ-गांठ कर जमीन की नकले निकलवाकर फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार कर 17 लाख रुपये की केसीसी ़ऋण उठा लिये थे। इस पर पुलिस ने धोखाधडी का प्रकरण दर्ज कर अज्ञात आरोपियों की सरगर्मी से तलाश करने के लिए जांच अधिकारी राजेन्द्रप्रसाद उ.नि. के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टोली गठित की गई थी। इस टीम नें गहन अनुसंधान करते हुए गुलाब सिंह मीणा पुत्र श्रीकिशन निवासी नयागांव तथा लोकेश शर्मा पुत्र छीतरलाल निवासी ननावता, पप्पू सहरिया निवासी बड़ार, सूरमल सहरिया निवासी बड़ार, सुआलाल सहरिया, गुड्डी बाई सहरिया निवासीगण बड़ार थाना शाहबाद, ओमप्रकाश उर्फ ओम चौधरी निवासी नृसिंहपुरा को नामजद किया गया। इस मामलें में आरोपी गुलाब सिंह मीणा व लोकेश शर्मा, पप्पू सहरिया, सूरमल सहरिया, सुआलाल सहरिया, गुड्डी बाई सहरिया को पूर्व में गिरफ्तार करने में सफलता हासिल हो चुकी हैं। इसी मामलें में पिछले एक वर्ष से फरार चल रहे केसीसी एजेन्ट ओमप्रकाश उर्फ ओम चौधरी निवासी नृसिंहपुरा को गिरफ्तार कर इसकी निशानदेही पर भूली बाई निवासी नयागांव को गिरफ्तार कर लिया हैं। दोनों गिरफ्तार आरोपियों को गुरूवार न्यायालय मे पेश किया गया जहां न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपी ओमप्रकाश चौधरी व भूली बाई को न्यायिक अभिरक्षा में भिजवा दिए हैं। तथा पुलिस ने इसी मामलें में आईसीआईसीआई बैक कर्मचारियों से गहनता से जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।