कोटा– मजदूर संघ थर्मल अविनाश सिंघल ने बताया कि पिछले एक महीने में अब तक तीन बार कोटा थर्मल से जंगली जानवरों की मौजूदगी साबित करने वाले वीडियो सामने आए कुछ फोटोस भी मिले जिनसे स्पष्ट रूप से साबित होता है कि कोटा थर्मल पावर प्लांट के अंदर तेंदुए के अलावा भालुओं का भी आतंक है यहाँ काम करने वाले कर्मचारी परेशान है शिकायतें कर करके थक चुके हैं मगर थर्मल प्रशासन इसे एक अफवाह के अलावा कुछ नहीं मानता
जब भी थर्मल प्रशासन से सवाल पूछा गया कि प्लांट एरिया में मौजूद जानवरों के मामले में आप कोई कार्यवाही क्यों नहीं की जा रही है तो प्रशासन हमेशा इस बात को ना सिर्फ टालता आया है बल्कि इसे कर्मचारियों द्वारा फैलाई जा रही एक अफवाह मानता आया है क्योंकि थर्मल प्रशासन की माने तो ऐसा कुछ होता तो प्लांट में सुरक्षा की दृष्टि से लगाए हुए सीसीटीवी कैमरा में कहीं ना कहीं इन जानवरों की तस्वीरें कैद होती मगर आज तक ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला । मगर पिछले एक महीने में ही तीन वीडियो सामने आए जिसमें तेंदुए को स्पष्ट तौर पर थर्मल प्लांट के अंदर विचरण करते हुए देखा जा सकता है सोशल मीडिया पर वायरल हुए साथ ही तीन महीने पहले ही एक वीडियो जिसमें दो भालू प्लांट के अंदर घूमते हुए दिखाई दिए थे थर्मल प्रशासन और वन विभाग को यह साबित करने में नाकाम रहे कि यहां पर जंगली जानवरों का आतंक है मगर एक अगस्त को जारी हुए वीडियो में गौर करने लायक बात यह रही कि 10 सेकंड का वीडियो निकलने के बाद वीडियो में तेंदुए के अलावा एक सीसीटीवी कैमरे को भी स्पष्ट तौर पर देखा जा सकता है मगर अपनी आदत के अनुसार थर्मल प्रशासन ने फिर जांच की बात कह कर बात को आया गया कर दिया जबकि गौरतलब यह भी है कि तकरीबन एक महीना पहले ही कोटा के कलेक्टर माननीय श्री गौरव गोयल जी भी कोटा थर्मल पावर प्लांट पर जांच के लिए आए थे कि यहां कोई जानवर है या नहीं मगर थर्मल के लीपापोती में उस्ताद प्रशासन ने कलेक्टर साहब तक को यह यकीन दिला दिया कि प्लांट में कोई जानवर नहीं है मगर इस बार आए वीडियो में जब सीसीटीवी कैमरे के पीछे खड़े होकर किसी ने वीडियो लिया है तो यह बात स्पष्ट हो जाती है कि यहाँ लगे हुए लाखों रुपए के सीसीटीवी कैमरे अपने आप में एक बड़ा घोटाला है कहने को सीसीटीवी सुरक्षा की दृष्टि से लगाए गए हैं मगर या तो वह काम नहीं करते या उन्हें जानबूझकर बंद रखा जाता है ताकि प्रशासन के भ्रष्टअधिकारी अपने गड़बड़ वाले काम गुपचुप करते रहें और विभाग को नुकसान पहुंचाते रहे ।