छबड़ा:- छबड़ा में भाजपा कार्यालय पर भारतीय किसान संघ के बैनर तले दर्जनो किसानों ने विधायक को किसानो की फसलो को समर्थन मूल्य पर खरीदने सहित अन्य मांगो को लेकर मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपा।

भाकिसं के अध्यक्ष रामबाबू शर्मा ने बताया कि बुधवार को भारतीय किसान संघ के बैनर तले दर्जनो किसानों ने पालिका क्षेत्र के मुख्य मार्गो से रैली निकालकर राज्य सरकार के विरूद्ध नारेबाजी कर भाजपा कार्यालय पर पहुंचकर क्षेत्रीय विधायक प्रतापसिंह सिंघवी को मुख्यमंत्री के नाम का सौंपे ज्ञापन में उल्लेख किया कि इन दिनों सभी सरकारी तुलाई केंद्रो पर जमकर अनियतिताएं व भ्रष्टाचार हो रहा हैं एवं वरियता क्रम तोड़ा जा रहा हैं ऐसे लोगो के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएं एवं राज्य सरकार कृषि जिंसो की तुलाई में असमर्थता जताती हैं तो लहसुन में 2300 रू., चना 1000 रू., सरसो में 500 रू. का भावांतर राशि सीधे किसानो के बैंक खातों ड़लवाई जाएं तथा छबड़ा कृषि उपजमंड़ी समिति के व्यवसायी मांगीलाल पुत्र देवीशंकर साहू द्वारा लगभग 51 किसानो की कृषि जिंस खरीद तो ली थी लेकिन लगभग 30 लाख रूपए अभी तक किसानों को नही लौटाये हैं जिन किसानों को चैक दिए थे वह भी अनादिक्षित हो चुके हैं। इसके चलते किसानो को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा हैं। इस मामलें की रिपोर्ट मंडी सचिव मनोज कुमार मीना व दर्जनो किसानों ने थाने में व्यापारी के खिलाफ प्रकरण दर्ज करवा दिए हैं। लेकिन पुलिस प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई अमल में नही लाई गई इसके चलते अभी वह कोटा मंडी में कार्यरत हैं। जबकि इस मामले को लेकर किसान कोटा रेंज के पुलिस अधिकारियों से भी मिल चुके है लेकिन अभी तक कोई कानूनी कार्रवाई नही हुई हैं और पंजीयन शुदा किसानो ने कृषि जिंसो की तुलवाई करवाने के लिए उनकी फसले कटवा ली थी। लेकिन लम्बे समय तक गोदामों व घरो में रखने के कारण कृषि जिंस खराब होने की कगार पर हैं। ऐसे 75 प्रतिशत पंजीयन शुदा किसानो की फसलो तुलवा कर उनका शीघ्र ही भुगतान करने सहित अन्य मांगे शामिल हैं। किसानो ने चेतावनी दी है कि उनकी विभिन्न समस्याओ को अगर सात दिवस के अंदर निराकरण नही किया गया तो किसान उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगें। ज्ञापन देने वालो में जिला उपाध्यक्ष नंदकिशोर नागर, नगर प्रमुख संतोष मित्तल, मंत्री कृष्णगोपाल शर्मा, युवा प्रमुख मनीष उपाध्याय, जिला सदस्य हरिशंकर नागर, मानसिंह किराड़, हंसराज लोधा, प्रहलाद मालव, राजेंद्र कुमार सहित दर्जनो किसान शामिल थे।