रावतभाटा – शिव सिंह चौहान (पत्रकार) विश्व स्तनपान सप्ताह 2018 का शुभारम्भ बुधवार को महिला एवं बाल चिकित्सालय स्थित जी.एन.एम. टी.सी. के सभागार में जिला कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह के मुख्य आथित्य में किया गया।
जिला कलेक्टर इंद्रजीत सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व स्तनपान दिवस मनाने के पीछे मुख्य लक्ष्य, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है। उन्होंने बताया कि हर विकासशील देश में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार को केन्द्र में मानकर कार्य करता है क्योंकि ये सीधे-सीधे देश के विकास से सम्बन्धित है। उन्होंने यहां उपस्थित सभी सदस्यो से आग्रह किया कि वह अपने-अपने स्तर पर स्तनपान को बढावा दें ताकि बीमारियों पर कम से कम खर्च हो ओर देश की आर्थिक प्रगति और विकास हो।

समारोह का सम्बोधन आंचल मदर मिल्क योजना के अध्यक्ष डॉ. जय सिंह मीणा द्वारा किया गया। डॉ. जयसिंह ने विश्व स्तनपान सप्ताह 2018 के ’लोगो’ को समझाते हुए इस वर्ष के थीमः ’स्तनपान – जीवन का आधार’ की विस्तृत व्याख्या करते हुए पूरे सप्ताह भर चलने वाले कार्यक्रमों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि स्तनपान के द्वारा श्वसन रोगों में एक तिहाई व दस्त रोगो ंमें 50 प्रतिशत तक कमी लाकर शिशु मृत्यु दर में 22 प्रतिशत एवं अन्डर – फाइव मोरटलिटी में 13 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है। शिशु की बुद्धिमत्ता में 3 पॉइन्ट की बढोतरी के साथ ही राष्ट्र के 14 अरब डॉलर की बचत की जा सकती है। मॉ को भी स्तन कैंसर, ओवेरियन कैन्सर, डॉयबिटिज टाइप – 2, हदय रोग, ओस्टियोपोरेसिस एवं ओबेसिटी से बचाया जा सकता है। आज भी 5 में से तीन शिशुओ में जन्म के एक घण्टे के भीतर स्तनपान शुरू न हो पाना एवं हर दूसरे शिशु का 6 महिने तक स्तनपान न कर पाना तथा प्रत्येक 10 में से 9 बच्चो द्वारा अन्पूरक आहार के साथ साथ दो साल तक स्तनपान जारी न रख पाना दुर्भागयपूर्ण ही कहा जाएगा। अतः हमें आज प्रतिज्ञा लेनी होगी कि हम सब स्तनपान को संरक्षण, प्रोत्साहन एवं सहयोग प्रदान करेगें।

प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. मधुप बक्षी ने कहा कि विश्व स्तनपान सप्ताह मनाने का मुख्य उदेश्य प्रत्येक मॉ तक यह सन्देश पहुचाना है कि स्तनपान के द्वारा वो ना सिर्फ अपने बच्चे को गम्भीर बीमारियों से बचा सकती है बल्कि विकसित बौद्विक स्तर वाला बच्चा देश के विकास में भाग ले पाता है।
विश्व स्तनपान सप्ताह के प्रथम दिन पोस्टर और स्लोगन प्रतियोगितायें आयोजित की गई। पोस्टर प्रतियोगिता का आकलन डॉ. माला, डॉ. निधी और डॉ. एन. डी. चारण द्वारा किया गया। स्लोगन प्रतियोगिता का आकलन डॉ महेन्द्र बालोत, डॉ. अतुल खाब्या और डॉ. एन. डी. चारण द्वारा किया गया। इन प्रतियोगिताओं में जी.एन.एम. टी.सी., ए.एन.एम. टी.सी. और मेवाड नर्सिग कॉलेज के विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतियोगिताओं के परिणाम एवं विजेताओं के नाम अंतिम दिन समापन समारोह में घोषित किए जाएगें। समारोह में डॉ. माला, डॉ. निधि, डॉ. एन. डी. चारण, डॉ. महेन्द्र बालोत एवं डॉ. अतुल खाब्या उपस्थित थे।