रावतभाटा – शिव सिंह चौहान (पत्रकार) हिंदी राजभाषा के प्रबंधक महावीर शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि विक्रमनगर स्थित सभागार में बुधवार को राजस्थान परमाणु बिजलीघर के अधिकारियों के लिए एक दिवसीय हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन राजस्थान परमाणु बिजलीघर के स्थल निदेशक विजय कुमार जैन एवं मानव संसाधन प्रमुख के.जी.चंद्रशेखरन ने किया। इस अवसर पर काकरापार से आमंत्रित व्याख्याता अतिथि राजभाषा के प्रबंधक टीकम सिंह एवं राजभाषा के प्रबंधक महावीर शर्मा भी उपस्थित थे।
मुख्य अतिथि राजस्थान परमाणु बिजलीघर के स्थल निदेशक विजय कुमार जैन ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदी में कार्य करना हमारी नैतिक एवं संवैधानिक जिम्मेदारी है। हमारा शीर्षस्थ प्रबंधन भी राजभाषा के प्रसार के लिए प्रयासरत है। हम सभी को अपने-अपने कार्यो में हिंदी का अधिक से अधिक प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने बताया कि राजस्थान परमाणु बिजलीघर पर हिंदी में पिछले कुछ वर्षों से राजभाषा कार्यान्वयन तेजी से बढ़ा है, जिसके परिणामस्वरूप हमारी साइट को निरंतर पुरस्कार प्राप्त होते रहे हैं। साथ ही उन्होंने उच्चस्तरीय संसदीय राजभाषा निरीक्षण समिति के बारे में भी बताया जो हमारे हिंदी कार्यों का निरीक्षण करने आती है।
मानव संसाधन प्रमुख के.जी.चंद्रशेखरन ने भी अपने उद्बोधन द्वारा प्रतिभागियों को हिंदी में कार्य करने हेतु प्रोत्साहित किया और कहा कि राजस्थान परमाणु बिजलीघर का ‘क‘ भाषायी क्षेत्र में स्थित होने के कारण हमें यथासंभव शत-प्रतिशत कार्यालयी कार्य हिंदी मंे करना चाहिए। तकनीकी शब्दों को देवनागरी में लिखकर भी हिंदी के प्रयोग को बढ़ाया जा सकता है। हिंदी अधिकारी जगन्नाथ गुप्ता ने बताया कि स्थल निदेशक के मार्गदर्शन में कई नवीन गतिविधियों जैसे ‘ऑनलाइन हिंदी प्रश्नोत्तरी, ऑनलाइन हिंदी तिमाही रिपोर्ट‘ इत्यादि प्रारंभ की गई।
उद्घाटन सत्र में काकरापार से पधारे अतिथि व्याख्याता राजभाषा प्रबंधक टीकम सिंह ने प्रतिभागियों को हिंदी में कार्य करने के लिए प्रेरित किया। राजभाषा के प्रबंधक महावीर शर्मा ने कार्यशाला की भूमिका पर प्रकाश डाला।
कार्यशाला में महावीर शर्मा ने ‘राजभाषा की पृष्ठभूमि’ पर जानकारी प्रदान की। टीकम सिंह ने ‘संघ की राजभाषा नीति’, जगन्नाथ गुप्ता ने ‘मानक हिंदी वर्तनी’ ‘ यूनिकोड’, ‘ई-डिस्पैच’ आदि एवं हिंदी लेखन का अभ्यास तथा हिंदी अधिकारी श्रीमती प्रक्षालिता चतुर्वेदी ने ‘प्रशासनिक शब्दावली’ एवं वाक्यांश तथा ‘हिंदी प्रोत्साहन योजनाएं’, बसंत कुमार सिंह ने ‘तकनीकी शब्दावली’ और से संबंधित विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रतिभागियों को दी।
कार्यशाला का सफल संचालन हिंदी अधिकारी जगन्नाथ गुप्ता ने किया। तथा प्रतिभागियों को कार्यालयीन कार्य के दौरान अधिकाधिक हिंदी का प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया। श्रीमती प्रक्षालिता चतुर्वेदी ने आभार व्यक्त किया।
कार्यशाला के सफल संचालन में हिंदी अनुवादक बसंत कुमार सिंह ने समन्वय किया। तथा सूरजमल पारेता ने सहयोग दिया।