रावतभाटा – शिव सिंह चौहान (पत्रकार) पाडाझर का मनमोहक झरना चलना रावतभाटा नगर सहित उपखंड क्षेत्र में मानसून का सबसे खुशनुमा चेहरा व क्षेत्र के नैसर्गिक सौंदर्य का सबसे बडा उदाहरण है। रविवार को रावतभाटा उपखंड क्षेत्र के ग्रामीण अंचल एवं नगर सहित कई जगहों पर वर्षा का दौर जारी है। जिससे क्षेत्र में चारों ओर हरियाली छा गई है। क्षेत्र में अच्छी बारिश के साथ प्रमुख रमणीक स्थल पाडाझर का जलप्रपात चल पड़ा। करीब 150 फीट ऊंचाई से गिरने वाले इस झरने को देखने के लिए लोग पहुंचे। रविवार होने के कारण हाड़ौती, मालवा व मेवाड़ के कई पर्यटक छुट्टी का मजा लेते हुए नगर के सुप्रसिद्ध पर्यटक स्थल प्राचीन बाड़ौलिया मन्दिर, गेपरनाथ, पाड़ाझर, ब्रिज साइट सहित कई सुप्रसिद्ध पर्यटक स्थल एंव धार्मिक स्थल पर आस-पास के जिलों के पर्यटक बारिश का लुप्त उठाते नजर आये। प्राकृतिक स्थलो एंव धार्मिक स्थलो पर लोगो का तांता लगा रहा। बौछारों के साथ पानी बरसने लगा। कल कल बहती जलधारा तेज वेग से गिरते जलप्रपात प्राकृतिक सोन्दर्य का नजारा देखकर लोग जुम उठें। कई लोगों ने बहते पानी में नहाने का लुत्फ उठाया और जमकर चटपट व्यंजनो का आनंद उठाया। इधर गेपरनाथ और पाड़ाझर का तेज वेग से गिरता जलप्रपात इन दिनों सैलानियों को रिझा रहा हैं। यंहा बारिश शुरू होने के साथ क्षेत्र के पर्यटकों का जमावड़ा लगा रहता हैं।
क्षेत्र में रूक-रूककर जारी झमाझम बरसात रविवार को भी जारी रही। तेज बारिश से कई नाले उफान पर आ गए। इसके साथ ही जावदा-नीमडी, देवपुर, कंवरपुरा, जवाहरनगर कुंआखेडा क्षेत्र में फल्को, गुंजाली नदी भी उफान के चलते राणा प्रताप सागर बांध में अच्छी खासी पानी की आवक बनी हुई है।
जलसंसाधन सिंचाई विभाग के नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार चंबल नदी पर बने तीन प्रमुख बांधो में लगातार पानी की आवक जारी है। रावतभाटा के राणाप्रताप सागर बांध का जलस्तर पूर्ण भराव क्षमता 1157.50 के मुकाबले 1141.47 फीट है। राजस्थान के सबसे बड़ा बांध राणाप्रताप सागर बांध केचमेंट में भारी वर्षा होने के कारण केचमेंट में पानी की लगातार आवक बढ़ रही हैं। चंबल नदी पर बने 3 बांधों में पानी की खासी आवक हो रही हैं। राणाप्रताप सागर बांध में 4 हजार 211 क्यूसेक पानी की आवक हो रही हैं। पिछले 24 घंटे में 34.60 एमएम वर्षा दर्ज की गई। 1 जून से अब तक यंहा 440.20 मिमी वर्षा दर्ज की जा चुकी है।
मध्यप्रदेश मालवा में हो रही वर्षा का पानी की आवक से गांधीसागर बांध की भराव क्षमता 1312 के मुकाबले 1273.41 हैं। गांधी सागर बांध पर 5.10 मिमी एंव कुल वर्षा 215.30 मिमी वर्षा हुई है। मध्यप्रदेश के इंदौर, रतलाम, महतपुर, मँहु, पाट, रामपुरा, मंदसौर, नीमच एंव उज्जैन में बारिश से बांध में पानी की आवक बनी हुई है।
वहीं बुंदी जिले का जवाहर सागर बांध कोटा डेम का जलस्तर अपनी पूर्ण भराव क्षमता 980 फीट के मुकाबले 973.70 फीट हो गया है। जवाहर सागर बांध पर 19.90 मिमी एंव कुल 275.30 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई है। जवाहर सागर बांध में पन बिजलीघर की मशीने चलाकर 7 हजार 681 क्युसेक पानी की निकासी की जा रही हैं। वहीं कोटा जिले का कोटा बैराज 854 फीट क्षमता के मुकाबले 851.80 फीट पानी मौजुद है। तथा कोटा बैराज पर 51 मिमी वर्षा हुई है। अब तक यंहा 262.90 मिमी वर्षा दर्ज की जा चुकी है। तथा कोटा बैराज के गेट खोलकर 4 हजार 958 क्युसेक पानी की निकासी की जा रही है। कोटा बैराज की दाई नहर 20 क्युसेक पानी की निकासी की जा रही हैं।