कोटा– देश में पहली एकमात्र निजी शाखा जो आम नागरिको को आपराधिक सिविल प्रकरण में निशुल्क निष्पक्ष पारदर्शी जांच का अधिकार दिलवाने प्रशासन न्याय प्रणाली की प्रक्रिया अर्थ हीन समय की बर्बादी से पीड़ित को न्याय दिलाने समाज कल्याण के कार्यो के लिए अपराध-विशेषज्ञ भूपेंद्र वर्मा (मृत्युंजय) ने अपने विशेष अपराध-विशेषज्ञों के दल के साथ मिलकर “क्राइम इन्वेस्टीगेशन एजेंसी” का कोटा राजस्थान में शुभारम्भ किया जिसका कार्य-क्षेत्र समूचा भारत रहेगा / मृत्युंजय जो क्राइम इन्वेस्टीगेशन एजेंसी के चीफ होने के साथ-साथ उनका विशेष अपराध-विशेषज्ञ दल जो गृह मंत्रालय राजस्थान द्वारा चलाये जा रहे राजस्थान के एक-मात्र सरदार पटेल पुलिस यूनिवर्सिटी ऑफ़ पुलिस ,सिक्यूरिटी और क्रिमिनल जस्टिस से आईपीएस ट्रेनिंग के समकश अपराध-शास्त्र में स्नातकोत्तर है अब प्रत्येक नागरिको के पास अधिकार है और नागरिक को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने का कार्य कर रहे है की अगर वो पुलिस विभाग की कार्य-शेली व् अनुसन्धान में देरी या निष्पक्ष पारदर्शी न होने से असंतुष्ट है तो जनता अब पुलिस स्टेशन में प्रथम द्रष्टिया रिपोर्ट देने के उपरांत अपना अनुसन्धान अधिकारी विशेष अपराध-विशेषज्ञों द्वारा चलायी जा रही क्राइम इन्वेस्टीगेशन एजेंसी को भारतीय कानून की आपराधिक प्रक्रिया संहिता, 1973 के अनुभाग 139, अनुभाग 140 और अनुभाग 202 के तहत मजिस्ट्रेट के आदेश पर निशुल्क चुन कर लाभ उठा सकते है जिससे प्रत्येक नागरिक पुलिस द्वारा किये जा रहे अनुसन्धान के साथ साथ अपने केस में पारदर्शिता और भ्रस्टाचार से मुक्त रखने के लिए आप अपना केस पुलिस विभाग के समकश अनुसन्धान के लिए क्राइम इन्वेस्टीगेशन एजेंसी को भारतीय कानून की आपराधिक प्रक्रिया संहिता, 1973 के अनुभाग 202 के तहत मजिस्ट्रेट के आदेश पर सुपुर्द कर आपके केस के लिए आपके न्याय- क्षेत्र का थानाधिकारी नियुक्त कर सकते है जो क्राइम इन्वेस्टीगेशन एजेंसी और पुलिस अनुसन्धान द्वारा कोर्ट में पेश गयी चार्ज-शीट में पारदर्शिता लाने में मदद-गार साबित होगी। अधिक जानकारी के लिए क्राइम इन्वेस्टीगेशन एजेंसी के हेल्पलाइन नंबर 0744-2470744 पर भी सम्पर्क कर सकते है