रावतभाटा – शिव सिंह चौहान (पत्रकार) अतिरिक्त कलेक्टर (प्रशासन) नारायण सिंह चारण की अध्यक्षता में बुधवार को जिला कलक्ट्रेट के समिति कक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में आयुष्मान भारत, मुख्यमंत्री राजश्री योजना, मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा एवं जांच योजना, भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना, संस्थागत प्रसव, जननी सुरक्षा योजना, परिवार कल्याण, टीकाकरण व मौसमी बीमारीयों की खण्डवार प्रस्तुतीकरण के माध्यम से समीक्षा की गई।
अतिरिक्त कलेक्टर ने आयुष्मान भारत के तहत जिले के चयनित उप स्वास्थ्य केन्द्र पारी पंचायत समिति भूपालसागर को स्वास्थ्य कल्याण केन्द्र (वेलनेस सेन्टर) के रूप में विकसित कर 15 अगस्त को शुभारम्भ करने के निर्देश प्रदान किए। उन्होंने ओडीएफ किए गए खण्ड की खण्डस्तरीय चिकित्सा संस्थानों को आवंटित राशि के उपयोग हेतु कार्ययोजना निर्धारित कर स्वच्छ-स्वस्थ्य-सर्वत्र कार्यक्रम का समयबद्ध तरिके से क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए।
अतिरिक्त कलेक्टर (प्रशासन) नारायण सिंह चारण ने तम्बाकु नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए नियमानुसार विभिन्न विभागों को आवंटित लक्ष्य के अनुरूप कोटपा अधिनियम के तहत चालान की कार्यवाही करने के निर्देश प्रदान किए।
उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों को भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना की समीक्षा करते हुए चिकित्सा संस्थानों में ओपीडी के दौरान आने वाले पात्र एनएफएसए लाभार्थियों को योजना से लाभान्वित किया जाना सुनिश्चित करें एवं अधिक से अधिक आमजन को योजना का लाभ प्राप्त हो इस हेतु चिकित्सा अधिकारी बेहतर प्रयास करें। संस्थागत प्रसव की समीक्षा करते हुए उन्होंने चिकित्सा संस्थान पर होने वाले प्रसवों की प्रसुताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराए जाने हेतु निर्देश दिए, साथ ही दक्षता कार्यक्रम के अंतर्गत प्रसव केन्द्रों को सुदृढ़ करने पर बल दिया।
अतिरिक्त कलेक्टर (प्रशासन) नारायण सिंह चारण ने परिवार कल्याण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए नव-दम्पत्तियों व नव- विवाहित जोड़ो को परिवार कल्याण साधनों पर परार्मश देने व जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा के अंतर्गत परिवार नियोजन के कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए, साथ ही परिवार कल्याण कार्यक्रम में प्रगति लाने हेतु सघन अभियान चलाकर प्रयास किए जाने के निर्देश प्रदान किए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. इंद्रजीत सिंह ने समस्त चिकित्सा अधिकारी प्रभारियों को मौसमी बीमारी की समीक्षा करते हुए रक्त पट्टिकाओ के लक्ष्यानुरूप संचयन व पीने के पानी के नमूने निर्धारित कार्ययोजना अनुसार लिए जाने के निर्देश प्रदान किए। उन्होंने चिकित्सा अधिकारी एवं पैरामेडिकल स्टॉफ के मुख्यालय पर ठहराव व चिकित्सा संस्थानों पर जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश प्रदान किए। उन्होंने बताया कि स्क्रब टाईफस, स्वाईन फ्लु की रोकथाम हेतु सघन अभियान चलाया जावें।
उन्होंने बताया कि कपासन एवं रावतभाटा प्रति माह एनसीडी शिविरों का आयोजन कर उच्च रक्तचाप व मधुमेह रोगियों की जांच करना सुनिश्चित करें। उन्होंने जिलावार मासिक रैकिंग सिस्टम की समीक्षा करते हुए समस्त चिकित्साधिकारी निर्धारित विभागीय मापदण्डोंनुरूप गतिविधियों के क्रियान्वयन एवं सुदृढ़ीकरण के निर्देश प्रदान किए।
डॉ. सिंह ने जननी सुरक्षा कार्यक्रम, प्रसव पूर्व जांच, मुख्यमंत्री राजश्री योजना, संस्थागत प्रसव, आदर्श पीएचसी योजना, राष्ट्रीय अन्धता नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए लक्ष्यानुरूप निर्धारित कार्ययोजना अनुसार उपलब्धि अर्जित करने के निर्देश दिए। चित्तौड़गढ़ शहरी क्षेत्र में टीकाकरण एवं एमसीएचएन दिवस के सफल क्रियान्वयन हेतु एनयुएचएम के तहत कार्ययोजना का प्रस्तुतीकरण किया गया।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, खण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी, उपमुख्य चिकित्या एवं स्वास्थ्य अधिकारी (स्वास्थ्य) सहित जिला स्तरीय सलाहकार उपस्थित थे।