एक सच जिसे छुपाया गया था, कविश पत्रकार पँजाब केसरी की रिपोर्ट (यह फोटो सिर्फ प्रतीकात्मक है)

कोटा– पिछले दो सालों में कोटा थर्मल से जंगली जानवरों को देखे जाने की खबर कई बार मिली मगर अधिकारियों के डर से कोई खुल के बयान देने सामने नहीं आया उसके अलावा हमेशा इन बातों को अफवाहों का नाम दिया जाता रहा क्योंकि कोई साक्ष्य भी नहीं थे ।
कोटा थर्मल ने सुरक्षा की दृष्टि से 70 से अधिक सीसीटीवी कैमरे प्लान्ट के चप्पे चप्पे पे लगाए हुए हैं साथ ही पिछले साल की अफवाहों के चलते कोटा वन विभाग की टीम ने भी कैमरे लगा रखे थे उन जगहों पे जहाँ सबसे ज्यादा बार किसी तेंदुए या भालू को देखा गया था और वो सभी जगह जहाँ कैमरे लगाए गए थे वो जगह केंद्रीय औधोगिक सुरक्षा बल की निशानदेही पे लगाए गए थे ।
यहाँ गौर करने लायक बात सिर्फ ये नहीं के जानवरों का आतंक कोटा थर्मल में है बल्कि ये है कि क्या वन विभाग और थर्मल के सुरक्षा कैमरे खराब थे या बन्द थे या जानबूझ के इस बात को दबाया जा रहा था कि यहाँ जंगली जानवरों का आना जाना लगा रहता है ?
मुश्किल से 10 दिन पहले थर्मल के रेलवे यार्ड का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें एक कमरे की छत पे तेंदुआ बैठा दिखाई दे रहा था मगर तस्वीरों में स्पष्ट तौर से पुष्टि नहीं हो पा रही थी ऐसे में 9 जुलाई की रात को ये वीडियो किसी कर्मचारी ने लिया और मीडिया में वायरल कर के थर्मल परिसर में आने जाने वाले जंगली जानवरों से साथी कर्मचारियों की जान की सुरक्षा का मुद्दा उठाने को कहा ।
कर्मचारी ने बताया कि रात के समय कोटा थर्मल में जाना कुछ ऐसा हो चुका है कि आप रात में जंगल सफारी में हो औऱ हर कदम पे खतरा मंडराता है ।
एडमिन बिल्डिंग या चीफ ऑफिस कोटा थर्मल के सामने की भालुओं की तस्वीरें पिछले माह वायरल हुई थी मगर कोई कार्यवाही अब तक नहीं हुई ।
जानकारों के बयान इस तरह हैं –
1. मुख्य अभियन्ता कार्यालय के सामने एक डीजल पंप है जिसकी दीवार लांघ के आना भालू के लिए आम बात है जिस दीवार को पार कर के भालू रोजाना आ सकता है उस दीवार से तेंदुए भी आते है ।
2. पिछले साल स्क्रैप यार्ड का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें तेंदुओं के पँजों के निशान दिखाए गए थे औऱ साफ समझ आ रहा था कि 3 बड़े तेन्दुओ के साथ 5 या 6 शावकों के पंजे भी दिख रहे थे ।
3. पिछले साल मैं बारिश के मौसम में अपने ऑफिस जा रहा था स्टोर शेड वाले रास्ते से मेरे सामने 3 शावकों के साथ एक तेंदुआ आ धमका किस्मत से मैं बच गया क्योंकि मैं कार में था और एक ही पल में सभी जानवर आस पास की घनी झाड़ियों में छुप गए मगर वो मंज़र अब तक मुझे सिरहन महसूस करवा देता है ।
4. ड़ेढ साल पहले किसी नील गाय के साथ टकराने से एक रिटायर्ड कर्मचारी की मौत थर्मल प्लांट में हुई थी जानकारी ये मिली थी कि कर्मचारी ड्यूटी से घर की ओर जा रहा था चेक पोस्ट के पहले कुछ नील गायों का झुंड भागता हुआ वहां से निकला जिस में से किसी नील गाय का खुर कर्मचारी के सिर पे लगा और कर्मचारी वहीं ढेर हो गया ।
5. यूनिट संख्या एक के पीछे जहाँ बड़ा कैंटीन है वहाँ कभी भी किसी भी समय तेंदुए या भालू दिखाई दे जाते हैं ।
6. मुख्य अभियंता कार्यालय और केंद्रीय औधोगिक सुरक्षा बल के परेड ग्राउंड में हर रात इन खतरनाक जानवरों का आना जाना लगा रहता है ।
कुल मिला के विभाग के कर्मचारियों के साथ सुरक्षा बल के जवानों के सर् पे भी खतरा मंडरा रहा है क्योंकि जंगली जानवरों पर वो कोई कार्यवाही नहीं कर सकते हैं और सबसे ज्यादा गम्भीर स्थिति तो ठेका श्रमिकों के लिए हैं जो प्लांट के अंदर काम करने जाते हैं जिनमें कुछ महिलाओं के पास छोटे बच्चे होते हैं और अधिकतर ठेका श्रमिक पैदल ही जाते हैं ।
थर्मल और वन विभाग के कुल 80 कैमरों ने एक साल से अधिक जिस सच को छुपाया वो पहली बार सबके सामने किसी कर्मचारी के कैमरे में आ गया ।
स्विच यार्ड के पास लगे मोबाइल टॉवर के पास का ये वीडियो हालात की गंभीरता आपके सामने लाते हुए