कोटा– देहदान की इच्छा थी तो कोटा आकर रहने लगे
सुबह देहदान का संकल्प कर,शाम को देवलोकगमन
नाती,पोतों ने देहदान की अंतिम इच्छा को पूरा किया

यह बात सत्य है कि अच्छे काम को,जन-मुहीम बनाने में कुछ समय लगता है,पर जब लोगों के मन में जब अच्छे कार्यों की महत्ता समझ आ जाती है,तब वह एक बड़ा रूप लेने लग जाती है ।
नैत्रदान के कार्य की भी कोटा शहर में 6 साल पहले 2 जोड़ी नेत्रदान प्रतिवर्ष से शुरूआत हुई थी,जो आज 80 से 90 जोड़ी नैत्रदान प्रतिवर्ष तक जा पहुँची है ।
देहदान के बारे में पहले से काफ़ी लोगों की मानसिकता बदलने लगी है । अब लोग समझने लगे है कि पार्थिव शरीर को राख़ बनाने से अच्छा है कि,उनके नैत्रदान,अंगदान करा दिये जायें,जिससे वह किसी के जीवन को बचाने में काम आ सकें । यदि नैत्रदान,अंगदान कि स्थिति न बनें,तो व्यर्थ में लकड़ियाँ जलाने से कई बेहतर है,पार्थिव शरीर को मेडिकल कॉलेज में बच्चों को पढ़ने के लिये दे दिया जाये ।
इसी क्रम में मंगलवार शाम 5 बज़े 87 वर्षीय ,शिवाजी कॉलोनी,बाराँ निवासी श्री मदन लाल जी शर्मा साहिब का हृदयाघात के कारण निधन हो गया । मदन लाल जी करीब 20 वर्ष पहले शिक्षा विभाग में प्रधानाध्यापक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे,दो वर्ष पहले पत्नी के निधन के बाद से,स्वप्रेरित होकर इन्होंने अपने बेटे मधुकांत , दोहिते सौरभ शर्मा व नाती आकाश शर्मा से अपने नैत्रदान देहदान करने की इच्छा जाहिर की,सभी ने उनकी इच्छा का आदर करते हुए नैत्रदान देहदान की प्रक्रिया के बारे में पता किया, नैत्रदान के लिए संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन से सम्पर्क किया तो उम्र की अधिकता को देखते हुए नैत्रदान संभव नही हुआ, संस्था सदस्यों से ही आकाश ने देहदान के लिये बताया,उसके बाद सदस्यों के बताये अनुसार श्री मदन लाल जी को रात में घर पर ही डीपफ्रीज़ में रखने के लिये समझाया गया,क्योंकि शाम के बाद मेडिकल कॉलेज में देहदान की कोई व्यवस्था नहीं है,यह जानकर मदन जी के पुत्र मधुकांत भी थोड़ा नाराज़ हुए,पर सभी की रजामंदी के बाद एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में शव रखवाया गया । इसके बाद बुधवार सुबह 10 बज़े पार्थिव शरीर को मेडिकल कॉलेज में पहुँचाया गया । पिछले कई समय से शाइन इंडिया फाउंडेशन ऐसे लोगों के लिये योजक कड़ी का काम कर रहा है जो देहदान का संकल्प पत्र भरना भी चाहते है,साथ ही देहदान के समय जरूरी सहयोग भी चाहते हो,इस नेक कार्य मे शव को मेडिकल कॉलेज तक पहुँचाने में मधु श्री समूह द्वारा चलाये जा रहे मोक्ष रथ का योगदान अभूतपूर्व है ।
मदन लाल जी के बड़े पुत्र बताते है कि वह स्वयं अपने पिता की इच्छा पूर्ण करने के लिये 6 महीने से ज्यादा समय तक देहदान के फॉर्म, व उससे सम्बंधित जानकारी के लिये बाराँ के सीएमएचओ से मिले ,पर इस बारे कोई जानकारी न मिलने पर सब हताश हो गये । जब मदन जी को लगा कि ऐसे तो मेरी देहदान की अंतिम इच्छा पूरी नही हो सकेगी तो,वह अपने पोते के पास कोटा आकर रहने लगे,इसी बीच प्रयास करने से देहदान का फॉर्म उनको मिल गया,देहदान को लेकर इनकी प्रबल इच्छा का अन्दाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि, बुधवार की सुबह उन्होंने अपना देहदान का फॉर्म पूरा भर कर हस्ताक्षर करके बच्चों को सौंपा,और शाम होने तक उन्होंने देवलोक-गमन भी कर लिया पूरे परिवार को इस बात की खुशी है कि, कैसे भी करके हमने हमारे परिजन की अंतिम इच्छा को पूरा कर दिया,नैत्रदान-अंगदान-देहदान के लिये संभाग स्तर पर कार्य कर रही संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन के सदस्यों का कहना है कि,कोटा व बूंदी,बाराँ के लिये यदि कोई भी परिवार अपने मृत परिजन की देह का दान करवाते है तो, संस्था की और से कोटा शहर के लिये यह सुविधा मधु श्री की ओर से व बूंदी,बाराँ के लिये शाइन इंडिया फाउंडेशन कि ओर से निःशुल्क रहेगी। नैत्रदान,अंगदान देहदान से सम्बंधित फॉर्म व अन्य जरूरी जानकारी के लिये आमजन किसी भी समय 9214979141,8386900101-102 पर सम्पर्क कर सकते है