रावतभाटा – शिव सिंह चौहान (पत्रकार) स्कूलों में इन दिनों पढ़ाई या प्रवेशोत्सव से ज्यादा तैयारी दूध वितरण योजना की चल रही है। स्कूल स्टाफ का लगभग प्रत्येक सदस्य दूध का इंतजाम करने से लेकर उसे गर्म करने और वितरण करने सहित कार्यक्रम के आयोजन में लगा हुआ है। अन्नपूर्णा दूध योजना के तहत स्कूलों में 2 जुलाई से शुरू होने वाले दूध वितरण कार्यक्रम के तहत सरकार ने निर्देश जारी किए हैं कि केंद्रीयकृत रसोईघर संचालकों के क्षेत्र में स्थित स्कूलों में दूध वितरण का पूरा कार्य स्कूल प्रबंधन समिति द्वारा किया जाएगा। जिन स्कूलों में कुक कम हेल्पर नहीं है, उन स्कूलों में इस कार्य को करने के लिए कुक कम हेल्पर की सेवाएं ली जा सकेंगी और इसके लिए 500 रुपए प्रति व्यक्ति भुगतान किया जा सकेगा। मिड डे मील आयुक्त ने कहा है कि दूध गर्म करने के लिए गैस की व्यवस्था कुकिंग कन्वर्जन कॉस्ट से ही की जाएगी, इसलिए स्कूलों में दूध गर्म करने की व्यवस्था केंद्रीयकृत रसोईघर संचालकों द्वारा ही कुकिंग कन्वर्जन कॉस्ट से की जाए।
2 जुलाई से प्रारंभ होने वाले अन्नपूर्णा दुग्ध योजना व मिड-डे-मील क्रियान्वयन हेतु ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी ने पंचायत समिति भैंसरोड़गढ़ के समस्त राजकीय विद्यालयों के संस्था प्रधानों एवं पीईईओ को दिशा-निर्देश दिए गए। जिसमें प्रत्येक विद्यालय के मिड-डे-मील खाते में बर्तन व गिलास क्रय करने के लिए राशि जमा करवा दी गई है। उक्त राशि से बाजार सर्वे कर विभाग द्वारा प्रदत्त निर्देशानुसार गुणवŸाापूर्ण बर्तन क्रय करना सुनिश्चित करे। दुग्ध के सुचारू प्राप्ति के लिए संबंधित डेयरी अथवा संग्रहण केंद्र से तीन प्रति में अनुबंध कर एक प्रति कार्यालय को प्रेषित करे। अन्नपूर्णा दुग्ध योजना को प्रचार-प्रसार के लिए आवश्यक फ्लेक्स, पेम्पलेट व निमंत्रण पत्र बनवाये। अन्नपूर्णा दुग्ध योजना के शुभारंभ में जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों व जन सामान्य को आमंत्रित करे, उनसे शुभारंभ करवाये। 2 जुलाई को ही पीटीए में बैठक आयोजित करे, जिसकी सूचना अभिभावकों को पूर्व में देवें। अन्नपूर्णा दुग्ध योजना के शुभारंभ के दिन दुध से लाभान्वित बालकों की संख्या विद्यालय द्वारा संबंधित पीईईओ को एवं पीईईओ द्वारा प्रातः 10 बजे तक संकलित सूचना वाट्सअप या फोन पर स्थानीय कार्यालय को अवगत करावें। दुग्ध योजना सरकार की महत्वपूर्ण योजना है, इस गंभीरतापूर्वक लागू करवाने के लिए प्रयास करे, कोताही बरतने पर होने वाली कार्यवाही के लिए संबंधित संस्था प्रधान जिम्मेदार होगा। वर्षा ऋतु प्रारंभ होने से विद्यालय में खाद्यान्न के भण्डारण की व्यवस्था सुचारू करे, जिससे खाद्यान्न भीगने व खराब होने की स्थिति न हो। यदि बालकों के विद्यालय आने के मार्ग में नदी-नाला उफान पर हो तो विद्यार्थियों को विद्यालय आने के लिए बाध्य न करे। मिड-डे-मील योजना में दैनिक व मासिक मैसेज समय पर करे, अन्यथा मैसेज के अभाव में राशि का भुगतान नहीं किया जावेगा, तथा होने वाली कार्यवाही के लिए संबंधित संस्था प्रधान एवं प्रभारी जिम्मेदार होगा। जीर्णशीर्ण भवन में विद्यार्थियों को नहीं बिठाये, साथ ही यह सुनिश्चित करे कि भवन विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित है। शाला दर्शन या दर्पण पोर्टल पर दी गई अन्नपूर्णा दुग्ध योजना से संबंधित प्रश्नावली की पूर्ति करवना सुनिश्चित करे। तथा मिड-डे-मील से संबंधित मासिक सूचना प्रत्येक माह की 2 तारीख तक स्थानीय कार्यालय को अनिवार्यतः प्रेषित करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।