रावतभाटा – देश की राजधानी में सनसनीखेज मामला सामने आया है, यहां एक ही घर में 11 लोगों का शव मिलने से हड़कंप मच गया है। यह सनसनीखेज वारदात दिल्ली के बुराड़ी इलाके की है, जहां घर के भीतर 11 लोगों का शव मिला है। मरने वालो में 7 महिलाएं एवं चार पुरुष शामिल हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पुलिस पहुंच गई है और मामले की जांच कर रही है। इस मामले में चित्तौड़गढ़ के सांसद सीपी जोशी ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र भेजकर नई दिल्ली के बुराड़ी में एक ही परिवार के 11 सदस्यों की हृदय विदारक मृत्यु पर संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि चित्तौड़गढ़ संसदीय क्षेत्र के सावा ग्राम के मूल निवासी है, यह हृदय विदारक मृत्यु चित्तौड़गढ़ जिले के लिए आघात है। इनकी अकस्मात मृत्यु अपने आप मंे संदेह व्यक्त करती है। उक्त घटना के पीछे कारण स्पष्ट करने के लिए इस मामले की उच्चाधिकारियों को निर्देश देकर उच्च स्तरीय जांच करवाकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलवाने की बात कही।
दिल्ली के बुराड़ी इलाके में रविवार सुबह एक ही परिवार के 11 सदस्य रविवार को रहस्यमय परिस्थिति में मृत पाए गए। घटना में 7 महिलाओं और 4 पुरुषों का शव एक साथ पाया गया है, जिसमे 3 किशोर भी शामिल हैं। यह घर संत नगर के गुरुगोविंद सिंह अस्पताल के सामने गली नंबर 2 का है। मरने वाले भाटिया परिवार के ये लोग मूल रूप से राजस्थान के चितौड़गढ़ के रहने वाला था। करीब 22 साल पहले भाटिया परिवार राजस्थान से दिल्ली आया था और तभी से दिल्ली रह रहा है। यह परिवार बुराड़ी के संत नगर में अपने दो मंजिले घर में एक ग्रॉसरी की दुकान और प्लाइवुड की दुकान चलाता था। दुकान रोजाना सुबह छह बजे खुल जाती थी लेकिन जब रविवार सुबह 7.30 बजे तक दुकान नहीं खुली तो पड़ोस में रहने वाले गुरचरण सिंह ने इसका कारण जानने के लिए घर के भीतर देखा तो पाया कि घर के कई लोग आंगन की जाली से लटके हुए हैं। पड़ोसी ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी।
सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम में भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है। मौके पर फोरेंसिक टीम भी मौजूद थे। घटनास्थल से सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। हालांकि पुलिस को शक है कि आत्महत्या का मामला हो सकता है। हालांकि कुछ भी स्पष्ट नहीं है, पुलिस हर पहलुओं से जांच कर रही है। शवों की सूचना के बाद मौके पर आसपास के लोगों का जमावड़ा लगा रहा। वहीं पुलिस ने लोगों की भीड़ को घटनास्थल से दूर कर दिया है और आसपास के जगहों को घेर दिया है।
पुलिस द्वारा हर संभावित पहलुओं से घटना की तफ्तीश की जा रही है। गौर करने वाली बात यह है कि सभी शव के हाथ बंधे हैं तो किसी के पैर बंधे हैं, जबकि किसी के मुंह पर पट्टी बंधी मिली है। मौके पर पहुंची पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर इन लोगों की मौत कैसे हुई है। अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है कि यह सामूहिक हत्या है या फिर आत्महत्या।
घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस घर की जांच कर रही है। पुलिस घर के हर हिस्से की जांच करके यह जानने की कोशिश कर रही है इस घटना के पीछे कोई साजिश है या फिर लोगों ने आत्महत्या की है। क्योंकि इनमें से कुछ फंदे से लटके मिले जबकि कुछ के शव जमीन पर पड़े हुए थे, जिनके हाथ और पैर बंधे हुए थे। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या इस परिवार ने खुदकुशी की है या सामूहिक हत्याकांड का मामला है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली पुलिस ने कहा, प्रथम दृष्टया लगा कि इन्होंने आत्महत्या की है लेकिन हत्या के अन्य संभावित कोण से भी जांच कर रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रहे हैं। बुजुर्ग महिला का शव जमीन पर पड़ा था। आशंका ये जताई जा रही है कि इनकी गला दबाया गया था। पुलिस की टीम पड़ोसियों से भी इस मामले की जानकारी जुटा रही है।

जानकारी के मुताबिक घर में मृत पाये गए सभी लोग भाटिया परिवार के थे। एक बुजुर्ग महिला के 2 बेटे, 2 बहु, 2 पोतियां, 2 पोते और बुजुर्ग महिला की एक बेटी और नाती यहां रहती थी। रविवार सुबह बुजुर्ग महिला, उनके 2 बेटे ललित सिंह और भूप सिंह, 2 बहु टीना और श्वेता, 2 पोतिया नीतू और मीनू, 2 पोते ध्रुव और शिवम, 1 बेटी प्रतिभा और प्रतिभा की बेटी प्रियंका का शव घर में मिला। प्रियंका की कुछ दिन पहले सगाई भी हुई थी। वहीं बुजुर्ग मां नारायण देवी की लाश फर्श पर पड़ी थी |
जिस जगह पर यह घटना हुई है वहां बड़ी संख्या में लोग जुटे हैं। लोगों को इस बात का यकीन नहीं हो रहा है कि आखिर कैसे एक साथ इतने लोगों की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक मरने वालों में दो भाइयों का परिवार है, जिसमे 7 महिलाएँ और 4 पुरुष शामिल हैं। जिसमें एक भाई का प्लाइवुड का कारोबार है तो दूसरे भाई की ग्रॉसरी की दुकान है।
बता दें कि यह परिवार मूलतः चित्तौड़गढ़ के सावा गांव का रहने वाला था, बाद में हरियाणा और वहां से दिल्ली शिफ्ट हो गया था। दिल्ली के बुराड़ी इलाके में हुई दिल दहला देने वाली घटना के बाद राजस्थान के चित्तौड़गढ़ के सावा गांव में शोक लहर है। फंदे के सहारे लटके मिले ललित व भूपेन्द्र का एक भाई चित्तौड़ के रावतभाटा नगर के उपनगरीय चारभुजा झालरबावड़ी में रहता है। यह परिवार मूलतः चित्तौड़गढ़ के सावा गांव का रहने वाला था, घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार के लोग दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं।
मृतक परिवार के रिश्तेदार सावा निवासी महावीर सिंह के अनुसार ललित औेर भूपेंद्र के पिता भोपाल सिंह चूंडावत व्यवसाय के सिलसिले में बरसों पूर्व चित्तौड़गढ़ में अपना पैतृक गांव छोड़कर हरियाणा चले गए थे। वहां उन्होंने विवाह किया। उसके बाद उनके तीन पुत्र ललित, भूपेंद्र और दिनेश तथा दो पुत्रियां बल्ली व गुड्डी हुए। भोपाल सिंह की मौत के बाद दिनेश सिंह चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा में रहने लग गया, जबकि अन्य पुत्र और पुत्रियां हरियाणा में रहने लग गए।
उसके कुछ समय बाद हरियाणा रहने वाले उनके पुत्र व पुत्रियां दिल्ली चले गए और वहां प्लाईवुड का व्यवसाय शुरू किया। चार-पांच वर्ष पूर्व दिल्ली में ललित सिंह पर हमला हुआ था, तब से 2 साल तक उसकी आवाज भी बंद हो गयी थी। आज भी मृतकों का चचेरा परिवार चित्तौड़गढ़ के सावा में रहता है, जबकि दिनेश सिंह अपने परिवार के साथ रावतभाटा रहता है। दिनेश सिंह रावतभाटा आरएपीपी में ठेकेदार है | दोनों जगह घटना की सूचना पर शोक के लहर दौड़ गयी। परिवार के सभी दिल्ली के लिए रवाना हो गए।