रावतभाटा – शिव सिंह चौहान (पत्रकार) मध्यप्रदेश मालवा में बरसात होने से भेड़ पालक राजस्थान की सीमा में प्रवेश कर गए हैं। रावतभाटा उपखंड से भीलवाड़ा और बूंदी जाने वाली भेड़ों के डेरे चारभुजा झालरबावड़ी के बैसाखियां का नाला, तमलाव, बरखेड़ा पंचायत, रावतभाटा के चांबला के छापर, श्रीपुरा के पास आ गए है। यह भेड़ें कुंडाल से रावतभाटा होते हुए भैंसरोडगढ़ होकर भीलवाड़ा, बूंदी जिले में जा रही हैं। रावतभाटा से भीलवाड़ा और बूंदी जिले में 75 हजार भेड़ें हर वर्ष जाती है। जबकि रावतभाटा उपखंड में दो से ढाई लाख भेड़ें रहती हैं। शनिवार को भी भीलवाडा, बूंदी के लिए भेड़ों के रेवड़ निकले। जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। भेड़ों का रेवड़ निकलने के कारण शनिवार को कई बार जाम लगा रहा। इस दौरान वाहनों को रेंग-रेंगकर निकलना पड़ा। प्रशासन की ओर से अभी तक शांतिपूर्ण निष्क्रमण के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
रावतभाटा उपखंड में भेड़ों का आगमन हो गया है, लेकिन अभी तक कहीं भी चेकपोस्ट प्रारंभ नहीं हुई है। जबकि जिला कलेक्टर ने गत दिनों ली बैठक में अधिकारियों को इसके लिए आवश्यक दिशा-र्निदेश दिए थे। चेकपोस्ट एक जुलाई से प्रारंभ होगी। इसके साथ ही कंट्रोल रूम भी बनाया जाएगा। शुक्रवार, शनिवार को 6 से अधिक डेरे बूंदी, भीलवाड़ा के लिए प्रस्थान कर गए हैं। इनसे कोई शुल्क भी वसूल नहीं किया गया।
रावतभाटा उपखंड में लगभग दो लाख भेड़ें बरसात में रहेंगी और यहां से होकर भीलवाड़ा भी जाएंगी।
रावतभाटा क्षेत्र में 1 जुलाई से 13 चेकपोस्ट शुरू होंगी
रावतभाटा क्षेत्र में इस वर्ष शान्तिपूर्ण भेड निष्क्रमण के लिए 13 चेकपोस्ट बनाई गई है, जिसमें 4 स्थाई, 9 अस्थाई चेकपोस्ट हैं। 4 अतिसंवेदनशील, 9 संवेदनशील चेकपोस्ट हैं। जो 1 जुलाई से प्रांरभ होगी। भेड निष्क्रमण अभियान 1 जुलाई से 31 अक्टुबर तक होना प्रस्तावित है। रावतभाटा क्षेत्र में 2 लाख 50 हजार भेडे आएगी। जबकि 1 लाख 70 हजार भेडें रावतभाटा क्षेत्र मे ठहराव करेगी। चित्तौड़गढ़ जिले में 5 स्थानों से भेड़ों का निष्क्रमण अन्य जिलों में होता है। उपखंड में चेकपोस्ट प्रारंभ होने पर पशुपालन, वनविभाग और पुलिस कर्मचारियों के साथ राजस्व विभाग के कर्मचारी भी लगाए जाएंगे।