रावतभाटा – शिव सिंह चौहान (पत्रकार) निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी एवं बेंगू उपजिला कलेक्टर रागिनी डामोर, रावतभाटा उपजिला कलेक्टर कैलाशचंद्र शर्मा व सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी तहसीलदार रावतभाटा श्रीकांत व्यास द्वारा बेंगू (168) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र बेंगू-रावतभाटा के मध्यप्रदेश सीमा के समीपवर्ती मतदान केन्द्रो पर कार्यरत बी.एल.ओ सहित रावतभाटा उपखंड क्षेत्र के बीएलओ की तहसील कार्यालय के सभागार में बैठक ली गई।
बैठक में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी एवं बेंगू उपजिला कलेक्टर रागिनी डामोर ने कहा कि 18 वर्ष पूर्ण करने वाले किसी भी मतदाता का नाम मतदाता सूची में जुडऩे से वंचित नहीं रहे। नाम जुड़ने से वंचित रह गया है तो कार्यवाही होगी। उन्होने मतदाताओं को जोड़ने का लक्ष्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। तथा प्रत्येक बीएलओ को अपने अपने भाग के 18-19 वर्ष के युवा मतदाताओं को दिए गए लक्ष्य के अनुरूप जोड़ने का प्रयास करने के निर्देश दिए।
उन्होने कहा कि विधानसभा निर्वाचन क्षैत्र की तहसील क्षैत्र बेगूँ एवं रावतभाटा के कुछ मतदान केन्द्र मध्यप्रदेश की सीमा पर स्थापित होने से मध्यप्रदेश के मतदाता राजस्थान की विधानसभा मतदाता सूची में भी अपना नाम अन्य लाभ प्राप्त करने हेतु अपना एवं अपने परिवार के सदस्यों के नाम मतदाता सूची में जुड़वा लेते है, जबकि ऐसे मतदाताओ के नाम मध्यप्रदेश की विधानसभा मतदाता सूची में भी नाम अंकित है। ऐसे मतदान केन्द्र के बुथ लेवल अधिकारियों को निर्देशित किया जावे कि वह ऐसे मतदाताओं के फार्म नं. 6 जो मध्यप्रदेश में निवास करते है, किन्तु उसकी कृषि भूमि चाहे राजस्थान राज्य में हो एवं कृषि कार्य हेतु वह आते-जाते हो। ऐसे मतदाताओ के लिये अगर राजस्थान राज्य की मतदाता सूची में नाम जुड़वाने हेतु फार्म नं. 6 आते है, तो उसकी विस्तृत जांच की जावें। अगर ऐसे मतदाताओं का स्थायी निवास नही होने पर मतदाता सूची में नाम नहीं जोड़ने के लिए फार्म नं. 6 ईआरओ/एईआरओ कार्यालय में फार्म भेजने के पूर्व पूर्ण जांच के बाद ही फार्म नं. 6 के द्वारा नाम जोड़ने नहीं जोड़ने की अपनी टिप्पणी में अंकित किया जावंे। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में जिन मतदाताओं के नाम गलत है या दर्ज नहीं है, उनके नाम सही दर्ज कराए और जिनके नाम दर्ज नहीं है। उनके नाम फार्म 6 भरकर दर्ज कराए। मतदान केंद्र का भवन अगर क्षतिग्रस्त हो तो उसकी तुरंत सूचना देवें। ताकि क्षतिग्रस्त भवन की मरम्मत चुनाव से पूर्व कराई जा सके। साथ ही स्कूल या भवन का नाम परिवर्तित हुआ है तो उसकी भी सूचना दें।
उन्होने बीएलओ को कार्य के प्रति गंभीर रहने, फार्म-6 के माध्यम से नए नाम जोड़ने और मृतकों और विस्थापितों के नाम मतदाता सूची से बाहर करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि घर घर जाकर चलाए जाने वाले अभियान में जो मतदाता घर पर नहीं मिलते हैं, उनका भी सत्यापन किया जाना जरूरी है। बेंगू एसडीएम ने मतदाता सूची पुनरीक्षण से संबंधित निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन करने तथा तहसील से उपलब्ध कराए दिशा निर्देशों के आधार पर ही बिंदुवार पुनरीक्षण करने की सलाह दी। तहसीलदार श्रीकांत व्यास ने बीएलओ से पुनरीक्षण कार्य को गंभीरता से लेने, समय सीमा के अंदर पुनरीक्षण का कार्य पूरा करने तथा पुनरीक्षण स्वयं करने को कहा।