रावतभाटा – शिव सिंह चौहान (पत्रकार) खासकर शिक्षा विभाग के माध्यमिक व प्राइमरी सेटअप में विकास कार्यों को लेकर बने सर्व शिक्षा अभियान और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान का विलय हो गया है। अब इसका नाम समग्र शिक्षा अभियान होगा।
केंद्र सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद प्रदेश स्तर पर सेटअप में बदलाव कर दिया गया है। अब जिला स्तर पर भी अगले माह में सेटअप चेंज हो जाएगा। कक्षा एक से 8 तक के लिए सर्व शिक्षा अभियान व 1 से 12 के लिए राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान संचालित है। दोनों प्रोजेक्ट का एक ही काम है। दोनों के जरिए स्कूलों में विकास कार्य के लिए बजट दिलवाया जाता है। शिक्षा से संबंधित नई योजनाएं भी इनके माध्यम से चलाई जाती है।
अब सर्व शिक्षा अभियान व राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान को एक ही नाम समग्र शिक्षा अभियान के नाम से पहचाना जाएगा। राजस्थान प्रारंभिक शिक्षा परिषद और रमसा ने संयुक्त रूप से इसके लिए प्रस्ताव बनाए थे। जयपुर स्तर पर इसका इम्प्लीमेंट भी हो चुका है।
पूर्व में आंगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से किया जाता था, लेकिन अब आंगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन भी समग्र शिक्षा अभियान के तहत ही किया जाएगा। सरकार की ओर से पूर्व में ही पांच सौ मीटर की परिधि में आने वाले सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों को सरकारी विद्यालयों में मर्ज किया जा चुका है।
शिक्षा विभाग में बहरहाल तीन डीईओ कार्य करते हैं। इनमें डीईओ माध्यमिक, डीईओ प्रारंभिक व डाइट प्राचार्य शामिल हैं। अब इन तीनों के ऊपर जिले में उपनिदेशक का पद सृजित किया जाएगा। तीनों डीईओ शिक्षा उपनिदेशक के अधीन कार्य करेंगे। सर्व शिक्षा अभियान व राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के एडीपीसी का पद भी परिवर्तन होकर अन्य नाम से पहचाना जाएगा। इसका मुखिया डीईओ स्तर का होगा।
विकास के कार्य एसएसए व रमसा के माध्यम से किए जाते हैं। सरकार की ओर से दोनों को इसका बजट दिलवाया जाता है। पहले दोनों अलग-अलग स्कूलों का काम देखते थे। अब समग्र शिक्षा अभियान के नाम से 1 से 12 तक की कक्षाओं का काम देखा जाएगा। अब तक दोनों प्रोजेक्ट में अलग-अलग टीमें कार्य करती रही हैं। अब इनकी भी एक ही टीम तैयार की जाएगी।