पालिका प्रशासन मौन,

लग रहा हैं पालिका को चूना

जमनालाल यादव (पत्रकार)
छबड़ा- छबड़ा में पालिका प्रशासन की अनदेखी के कारण निजी विद्यालय, कोचिंग संस्थान, निजी कंपनी प्रचार-प्रसार के लिए अवैध विज्ञापन व बैनर, पोस्टर, होर्डिंग लगाकर शहर की सुंदरता को ग्रहण लगाने में लगे हुए हैं।
ऐसे लोगो के खिलाफ पालिका प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करने से दिनो-दिन हौसलें बुलंद तो हो ही रहे हैं साथ ही पालिका को राजस्व चूना भी लग रहा हैं। विद्यार्थियो को लुभाने वाले बैनर, पोस्टर, होर्डिंग लगाने वाले निजी विद्यालय, कोचिंग संस्थान, निजी कंपनी संचालको पर शिक्षा विभाग भी शिकंजा नही कस पा रहा हैं। शिक्षा विभाग की अनदेखी के कारण बिना मान्यता प्राप्त विद्यालय खोलने वालो की भी होड़ मची हुई हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार इन दिनो पालिका क्षेत्र में निजी विद्यालय, कोचिंग संस्थान, निजी कंपनी प्रचार-प्रसार के लिए बैनर, पोस्टर, होर्डिंग लगाने की होड़ मची हुई है, शहर की विभिन्न कॉलोनी, गली-मोहल्ले मे अवैध विज्ञापनों की मानो बाढ़ सी आ गई हैं। ऐसे लोग सरकारी भवनो, पालिका के विभिन्न सर्किलो, मकान व दुकान मालिको की दीवारो तक को भी नही छोड़ रहे है उन पर छात्रो को लुभाने वाले पंपलेट, पोस्टर आदि लगाकर सूरत बिगाड़ने मे लगे हुए हैं। इतना ही नही कि राज्य सरकार द्वारा बिना स्वीकृति के कुछ निजी विद्यालय जिनकी मान्यता प्राप्त भी नही है एवं ऐसे विद्यालयो मे छात्रो को छात्रावास की सुविधा की राज्य सरकार से स्वीकृति नही होने के बावजूद भी छात्रो को गुमराह करने वाले बैनर, पोस्टर आदि जगह-जगह लगते नजर आ रहे है।

इतना ही नहीं कि निजी विद्यालय, कोचिंग संस्थान, निजी कंपनी के संचालक विद्युत के खंभो पर भी पोस्टर, पंपलेट लगाकर अपनी जिंदगी से खिलवाड़ करने मे नही चूक रहे हैं। शहर के ड़िवाईड़रो के मध्य मे लगे प्रत्येक विद्युत खंभो पर कोचिंग संस्थान एवं निजी विद्यालय संचालक अवैध विज्ञापन व बैनर, पोस्टर इत्यादि लगाकर शहर की सुंदरता गायब करने मे अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं। मकानो पर किसी भी प्रकार के पंपलेट, बैनर, पोस्टर आदि को लगाने के लिए मकान मालिक की स्वीकृति लेनी पड़ती हैं, मकान मालिक की स्वीकृति मिलने पर ही निजी विद्यालय, कोचिंग संस्थान, निजी कंपनी के संचालक प्रचार-प्रसार सामग्री लगा सकते हैं। किंतु इन दिनो ऐसे लोग स्वीकृति लेना अनुचित समझकर देर रात्रि को पोस्टर, पंपलेट, बैनर आदि चिपकाने के कार्य को अंजाम दे रहे हैं एवं रात्रि मे गली-मोहल्लो, कॉलोनियो मे गश्त देने वाले पुलिसकर्मी भी ऐसे लोगो की अनदेखी कर रहे हैं। साथ ही पालिका क्षेत्र के मुख्य चौराहो पर भी स्वयं के हित के लिए निजी विद्यालय, कोचिंग संस्थान, निजी कंपनी द्वारा पंपलेट एवं पोस्टर लगाकर शहर की सुंदरता को ग्रहण लगाने मे लगे हुए हैं। विभिन्न स्थानो पर लगे अवैध विज्ञापनो का खामियाजा वाहन चालको एवं राहगिरो को उठाना पड़ रहा हैं। कई बार आते-जाते समय चलते-चलते वाहन चालको एवं राहगिरो की नजर होर्डिंग, बैनर, पोस्टर आदि पर पड़ती हैं तो कभी-भी अनहोनी भी घटित हो सकती हैं। पालिका द्वारा गत बोर्ड बैठक में विभिन्न संस्थाओ द्वारा बैनर, पोस्टर, होर्डिंग्स लगाने के लिए स्वीकृति एवं राशि निर्धारित कर रखी हैं। बिना राशि जमा कराएं कस्बे मे अवैध तरीके से बैनर, पोस्टर, होर्डिंग्स, लगाना शुरू हो गया हैं। जबकि राज्य सरकार द्वारा इसकी रोकथाम के लिए अधिनियम-2006 के तहत ऐसे लोगो के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान बना रखा हैं इन नियमो की धज्जियां उड़ा रहे लोगो के खिलाफ कार्रवाई करना तो दूर की बात पालिका प्रशासन मौन धारण कर चुप्पी साधे बैठा हुआ हैं। ऐसे लोगो के विरूद्व पालिका प्रशासन द्वारा कठोर कार्रवाई अमल में नही लाने से दिनों-दिन हांसले बुलंद होते नजर आ रहे हैं साथ ही पालिका प्रशासन को राजस्व चूना भी लग रहा है।

इनका कहना हैं:- इस मामले में अधिशाषी अधिकारी हेमेंद्र कुमार ने बताया सरकारी भवनो एवं दीवारो, मुख्य चौराहो, विद्युत खंभो आदि पर अवैध विज्ञापन लगाने वाले निजी विद्यालय एवं कोचिंग संस्थानो के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई अमल मे लाई जाएगी। अगर फिर भी नही मानते हैं तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।