रावतभाटा – शिव सिंह चौहान (पत्रकार) अतिरिक्त कलेक्टर (प्रशासन) नारायण सिंह चारण की अध्यक्षता में बुधवार को जिला ग्रामीण विकास अभिकरण सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति, जिला स्तरीय परिवेदना निस्तारण कमेटी एवं जिला गुणवत्ता आश्वासन समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना, संस्थागत प्रसव, जननी सुरक्षा योजना, मुख्यमंत्री राजश्री योजना, परिवार कल्याण, मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा एंव जांच योजना, मिशन इन्द्रधनुष, टीकाकरण व मौसमी बीमारियों की खण्डवार प्रस्तुतीकरण के माध्यम से समीक्षा की गई।
अतिरिक्त कलेक्टर ने 21 जून को योग दिवस पर समस्त चिकित्सा अधिकारीयो व मयस्टॉफ के संबंधित कार्यक्षेत्र आयोजित होने वाले कार्यक्रम में उपस्थित रहने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना की समीक्षा करते हुए भदेसर व गंगरार की कम प्रगति पर नाराजगी जाहिर करते हुए संबंधित चिकित्साधिकारी को नोटिस जारी किए जाने के निर्देश प्रदान किए। उन्होंने बताया कि योजना के अन्तर्गत गरीब तबके के लाभार्थी आते है, अधिक से अधिक से लाभार्थियों को योजना का लाभ प्राप्त हो, इस हेतु चिकित्सा अधिकारी प्रभारी व स्टॉफ रोगियों को सकारात्मक सहयोग प्रदान करते हुए अधिक से अधिक क्लेम बुक किया जाना सुनिश्चित करें एवं योजना का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाना सुनिश्चित करें।
उन्होंने राजस्थान मासिक जिलावार रैकिंग सिस्टम की समीक्षा करते हुए समस्त चिकित्साधिकारी निर्धारित विभागीय मापदण्डोंनुरूप गतिविधियों के क्रियान्वयन एवं सुदृढ़ीकरण के निर्देश प्रदान किए।
चारण ने बताया कि जिलेवार होने वाली विभिन्न स्तरों पर रैकिंग में कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। चिकित्साधिकारी कर्तव्यनिष्ठा एवं पारदर्शिता पूर्वक आमजन को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराए, किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाने पर नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने प्रसव पूर्व जांच, पंजीकरण की समीक्षा करते हुए खण्ड भूपालसागर की कम उपलब्धि पर संबंधित बीसीएमओ को कार्य सुधार के निर्देश प्रदान किए। संस्थागत प्रसव की समीक्षा करते हुए खण्ड चित्तौड़गढ़, बेगूं, भदेसर की सराहना करते हुए शेष अन्य खण्ड मुख्य चिकित्साधिकारियों को लक्ष्यानुरूप उपलब्धि अर्जित करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने मुख्यमंत्री राजश्री योजना की समीक्षा करते हुए चिकित्सा अधिकारियों को प्रगति लाने के निर्देश दिए।
जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीपेन्द्र सिंह राठौड़ ने चिकित्सा अधिकारियों को डीएमएफटी फण्ड के तहत अपने चिकित्सा संस्थान के सुदृढ़ीकरण व नवीन उपकरण के प्रस्ताव मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के माध्यम से भिजवाए जाने हेतु निर्देशित किया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. इंद्रजीत सिंह ने बताया कि खण्ड मुख्य चिकित्साधिकारी एवं खण्ड कार्यक्रम प्रबंधक ओना सॉफ्टवेयर के माध्यम से आंगनवाड़ी केन्द्रों पर आयोजित होने वाले एमसीएचएन दिवस की गतिविधियों का इन्द्राज सॉफ्टवेयर पर किया जाना सुनिश्चत करें। डॉ. सिंह ने परिवार कल्याण कार्यक्रम व पीपीआईयुसीडी की समीक्षा करते हुए समस्त चिकित्साधिकारी प्रभारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक सप्ताह आयोजित होने वाले मेगा शिविरों में आशा सहयोगिनीयों व आंगनवाड़ी कार्यक्रताओं के माध्यम से लक्ष्य आबंटित कर प्रगति अर्जित किया जाना सुनिश्चित करें।
उन्होंने मौसमी बीमारी की समीक्षा करते हुए खण्ड डूंगला की रक्त पट्टिका संचयन की जिले के औसत से कम प्रगति पर लक्ष्यानुरूप उपलब्धि अर्जित करने के निर्देश प्रदान किए। सिंह द्वारा निदान एप्लीकेशन का प्रस्तुतीकरण के माध्यम से समस्त चिकित्सा अधिकारी व खण्ड मुख्य चिकित्या अधिकारियों को आमुखीकृत कर निर्देशित किया कि वे ई-औषधी सॉफ्टवेयर पर बीमारियों का इन्द्राज करवाया जाना सुनिश्चित करें। चिकित्सा अधिकारी मेरा गांव मेरा स्वास्थ्य शिविरों के अंतर्गत किए जा रहे सर्वें में वीएचएसएनसी की बैठकें नियमित आयोजित करना एवं एक दिवस पूर्व आयोजित करने वाली एन्टीलार्वल गतिविधियों को आयोजित करना सुनिश्चित करें। शिविर में उच्च रक्तचाप व मधुमेह रोगियों की जांच सुनिश्चित की जावें। उन्होंने समस्त चिकित्सा अधिकारियो को उनके अधीनस्थ कार्यक्षेत्र में हो रहे डीडीटी छिड़काव को गुणवत्तापूर्वक करवाये जाने के निर्देश दिए। डॉ. सिंह ने बताया कि मिशन इन्द्रधनुष के तहत नामांकित बच्चों मे से ड्रॉपआऊट रहे बच्चो का टीकाकरण सुनिश्चित किया जावे।
बैठक में उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (स्वास्थ्य), खण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, जिला व खण्ड स्तरीय सलाहकार एन.एच.एम. सहित शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित थे।