कोटा – एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट में पतंजलि योग संस्थान के केन्द्रीय प्रभारी डॉ.जयदीप आर्य का ‘ओम एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण’ विषयक व्याख्यान”
अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को कोटा के आरएसी ग्राउण्ड में आयोजित होने जा रहे राज्य स्तरीय योग एवं ध्यान शिविर से एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट पूरे समर्पित भाव के साथ जुड़ गया है। इस कार्यक्रम में एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के 72 हजार विद्यार्थी, शिक्षक एवं अभिभावक सपरिवार शामिल होंगे। यह घोषणा निदेशक श्री गोविन्द माहेश्वरी ने शनिवार को एलन समर्थ कैम्पस के सद्भाव सभागार में पतंजलि योग संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘ओम एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण’ विषय पर व्याख्यान के दौरान की। कार्यक्रम में पतंजलि योग संस्थान हरिद्वार के मुख्य केन्द्रीय प्रभारी एवं भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के समिति सदस्य डॉ. जयदीप आर्य ने ‘ओम एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण’ विषय पर व्याख्यान दिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ओम में समाहित हुए बिना परमात्मा की कृपा मिलना असंभव है। योग एवं परमात्मा अनुभव हैं। ओमकार की ध्वनि ही नादयोग है और आपके जीवन में ऊर्जा, सकारात्मकता और आनन्द का प्रवाह करती है। ओम और योग एक दूसरे के पयार्यवाची हैं।


डॉ. जयदीप ने दावा किया कि जीवन में ओम शब्द के नियमानुसार नियमित उच्चारण से काफी समस्याओं का समाधान संभव है। ऋषियों के अनुसार ओम शब्द तीन अक्षरों से मिलकर बना है अ, उ, म। प्रत्येक शब्द ईश्वर के अलग’अलग नामों को अपने में समेटे हुए है। इस शब्द में ब्रह्मा, विष्णु, महेश तीनों के गुण मिल जाएंगे। इससे पूर्व एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के निदेशक श्री गोविन्द माहेश्वरी, श्री राजेश माहेश्वरी समेत अन्य विभागाध्य़क्षों ने डॉ. आर्य का शॉल ओढ़ाकर, पगड़ी पहनाकर व पुष्प गुच्छ भेंटकर अभिनंदन किया।
सिर्फ ज्ञान की सत्ता है
डॉ. आर्य ने अपने उद्बोधन में कहा कि जीवन में सिर्फ प्रकाश व ज्ञान की सत्ता है, अंधकार व अज्ञान वहीं है, जहां ज्ञान नहीं पहुंचा। अपने मन में आ रहे तामसिक विचारों को निकाल कर फेंक दें, क्योंकि आपकी आत्मा ईश्वर का अंश है। आप और हम सभी प्राण तत्व से एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। इसलिए ओम शब्द का उच्चारण अवश्य करें। ओम शब्द बोलने से शरीर के अलग-अलग भागों में कम्पन्न होता है। जैसे ‘अ’ से नाभि, ‘उ’ से शरीर के मध्य भाग यानी छाती एवं ‘म’ शब्द से मस्तिष्क के आसपास कम्पन्न होता है। उन्होने विभिन्न तरीकों से ओम शब्द के उच्चारण का अभ्यास कराया। इसके साथ ही हथेली में एक्यूप्रेशर के विभिन्न बिन्दु बताए, जिनको दबाने से व्यक्ति काफी बीमारियों के खतरे से खुद को दूर रख सकता है।
हमेशा मुस्कुराते रहें
डॉ. आर्य ने कहा कि हमेशा मुस्कुराते रहें, प्रसन्न रहें, एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के शिक्षक देश के भविष्य का निर्माण कर रहे हैं। आपके विद्यार्थी आपके मुस्कुराते चेहरे को देख उत्साहित होते हैं, खुश होते हैं। शिक्षकों का विद्यार्थियों के प्रति समर्पण भाव का परिणाम है कि जेईई व नीट जैसी परीक्षाओं में यह संस्थान लगातार रैंकर दे रहा है। शिक्षकों को अपने स्टूडेंट्स के सामने हमेशा मुस्कुराते हुए जाएं। इससे उनकी परफॉर्मेन्स में और ज्यादा सुधार होगा। क्योंकि आपकी मुस्कुराहट मात्र से कई लोगों का तनाव कम हो जाता है। इससे सकारात्मक सोच भी विकसित होती है।