हरिमोहन मेहरा (ब्यूरो चीफ) महावीर नगर-प्रथम के आंगनबाड़ी केन्द्र में आशा सहयोगिनी के रवैये से गर्भवती महिला परेशान


कोटा– राज्य में प्रसूता महिलाओं को निःशुल्क टीकाकरण व चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने ‘ममता कार्ड’ सुविधा प्रारंभ की लेकिन हकीकत में इस कार्ड का पंजीयन करवाने के लिए प्रसूता महिलाओं से आंगनबाड़ी में चक्कर कटवाए जा रहे हैं।
ऐसा ही एक मामला सोमवार को महावीर नगर प्रथम के आंगनबाडी केंद्र में सामने आया। गर्भवती महिला को सोमवार को टीका लगवाना था लेकिन आंगनबाडी केंद्र की आशा सहयोगिरी ने उसे टीका लगाने से इंकार करते हुए ममता कार्ड का पंजीकरण करने में भी आनाकानी कर दी।
परिजनों ने बताया कि प्रसूता दीपा को पहले दो टीके अन्य सरकारी डिस्पेंसरी में लग चुके हैं। तीसरे टीके के लिए वह राजकीय प्राथमिक विद्यालय में आंगनबाड़ी केन्द्र पर आशा सहयोगिनी के पास ममता कार्ड बनवाने पहुंची तो रजिस्टर में उसका नाम, उम्र, पता व ब्लडग्रुप आदि लिखकर 2 दिन बाद ममता कार्ड का पंजीकरण करवाने के लिए कहा गया।
उसके तीन दिन बाद आशा सहयोगिनी ने फोन किया कि आज टीकाकरण का दिन है, इसलिए तलवंडी स्थित डिस्पेंसरी पर टीका लगवाओ। महिला ने जवाब दिया कि वह कोटा से बाहर है इसलिए कल डिस्पेंसरी पहुंचगी। अगले दिन जब प्रसूता आंगनबाड़ी केन्द्र पर ममता कार्ड का पंजीकरण कराने पहुंची तो आशा सहयोगिनी ने गुस्से में जवाब दिया कि टीका लगवाने क्यों नहीं आई, अब मैं तुम्हारा ममता कार्ड नहीं बना सकती।
यह सुनकर गर्भवती महिला परिजनों के साथ तलवंडी स्थित डिस्पेंसरी पर पहुंची तो उसे यह कहकर लौटा दिया कि पहले आंगनबाड़ी केन्द्र पर ममता कार्ड का पंजीकरण होगा, अन्यथा कोई टीका नहीं लगेगा।
पंजीयन के बिना ममता कार्ड क्यों दिया
आशा सहयोगिनी यह कहकर ममता कार्ड का पंजीयन करने से इंकार कर रही है कि मेरा सर्वे पूरा हो चुका है इसलिए ममता कार्ड नहीं बन सकता। जबकि उक्त महिला का पंजीयन करने के लिए रजिस्टर में प्रविष्टियां की गई थी। ममता कार्ड तो प्रसूता के पास है लेकिन उसका पंजीकरण नहीं किया जा रहा है। जिससे उसे सरकारी डिस्पेंसरी में कोई सुविधाएं नहीं मिल पाएगी। आशा सहयोगिनी की मनमानी से प्रसूता को परेशान होना पड़ रहा है।