हरिमोहन मेहरा(ब्यूरो चीफ) दिल में छेद की गंभीर बीमारी का दंश झेल रही निर्धन परिवारों की दो बालिकाओं को सरकार के आरबीएसके कार्यक्रम ने राहत दिलाई है।


बालिका खुशी (10) और प्रतिज्ञा (11) का राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जयपुर के अलग-अलग निजी अस्पतालों में निःशुल्क ऑपरेशन हो गया है। बच्चियां अब खतरे से बाहर हैं और बिल्कुल स्वस्थ है। कुछ ही दिनों में उन्हे अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी। आरसीएचओ डॉ एमके त्रिपाठी ने बताया कि सुल्तानपुर ब्लॉक की कोटड़ादीप सिंह निवासी खुशी और लाडपुरा ब्लॉक के अमरपुरा की झौपड़िया गांव निवासी प्रतिज्ञा जन्मजात दिल में छेद की की गम्भीर बिमारी से ग्रस्त थी। इसी कारण वे जन्म से ही कमजोर थी और गुमसुम रहा करती थी तथा सहेलियों के साथ खेलने-कूदने से भी कतराती थी। आरबीएसके की मोबाइल हैल्थ टीमे जब इनके गांवों के सरकारी स्कूलों में बच्चों का स्वास्थ्य परिक्षण करने पंहुची तो स्क्रीनिंग के दौरान टीमों को इनके सीएचडी बीमारी से ग्रसित होने की शंका हुई। बच्चियां को जिला मुख्यालय रेफर कर न्यू मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय में आवश्यक जांचे करवाई गई तो दोनो के दिल में छेद होने की बीमारी सामने आई। इस पर आरसीएचओ कार्यालय से दोनों बच्चियों के ऑपरेशन के लिए रिपोर्ट जयपुर निदेशालय को भिजवाई गई। वहां से अप्पोइंटमेंट मिलने पर बच्चियों को जयपुर भिजवाया गया। जहां सरकार से अनुबंधित निजी अस्पताल नारायणा हृदयालय में खुशी का 12 मई को एवं प्रतिज्ञा का 16 मई को फोर्टिस हॉस्पिटल में निःशुल्क ऑपरेशन किया गया।मजदूरी कर परिवार का गुजर-बसर करने वाले प्रतिज्ञा के पिता रामेश्वर और खेती-बाड़ी करने वाले खुशी के पिता सुरेश का कहना था कि उनकी माली हालत ठीक नही होने से वे बच्चियों का इलाज नही करवा पा रहे थे। ऐसे में आरबीएसके से प्राइवेट अस्पतालों में उनकी पुत्रियांे का निःशुल्क उपचार हो जाना उनके लिए किसी चमत्कार से कम नही हैं आरबीएसके कार्यक्रम के डीईआईसी मेनेजर दिलीप कुमार ने बताया कि कार्यक्रम के तहत जिलें में अब तक दिल में छेद की बिमारी के 51 बच्चों के निःशुल्क ऑपरेशन करवाए जा चुके हैं गौरतलब है कि आरबीएसके कार्यक्रम के तहत सरकारी स्कूलों, मदरसों एवं आंगनबाड़ी केंद्रो में पंजिकृत जन्म से 18 वर्ष तक के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद चिन्हित 38 तरह की बीमारियों में निःशुल्क उपचार करवाया जाता है।