शिव सिंह चौहान (पत्रकार)पेयजल की समस्या के चलते ग्राम पंचायत झालरबावड़ी द्वारा पानी के टेंकर की व्यवस्था करने पर ग्रामीणों को पेयजल मुहैया कराने पर ग्रामीणों द्वारा पानी भरते हुए।


रावतभाटा-बढ़ती गर्मी व निरंतर घटते भूजल स्तर के चलते ग्राम पंचायत झालरबावड़ी सहित आसपास के गांवों में पेयजल संकट गहरा गया है। गर्मी का सितम बढ़ने के साथ ही ट्यूबवेल भी साथ छोड़ने लगे हैं। इसका असर अब ग्रामीण क्षेत्रों में नजर भी आने लगा है। ग्राम पंचायत झालरबावड़ी चारभुजा के ग्राम झालरबावड़ी में मंदिर के पीछे पेयजल के मुख्य स्रोत ट्यूबवेल दम तोड़ने लगी हैं। इससे बस्ती के लोगों की पानी की पूर्ति नहीं हो पा रही है। पेयजल की समस्या के मद्देनजर नई बोरवेल लगाने के लिए जिला कलेक्टर को बोरिंग खुदवाने के लिए अनुमति मांगी गई है। तथा ग्राम पंचायत झालरबावड़ी सरपंच श्रीमती चंद्रज्योति चुंडावत के निर्देशन में इस क्षेत्र में ग्राम पंचायत स्तर पर पेयजल की व्यवस्था को सुधारने के लिए गुरूवार को पानी के टेंकर की व्यवस्था कराई गई।
ग्राम पंचायत झालरबावड़ी चारभुजा के ग्राम झालरबावड़ी में मंदिर के पीछे लगी बोरवेल में पानी सूख जाने के कारण जल संकट गहराने लगा है, इस बोरवेल से भील बस्ती मंदिर के आसपास के क्षेत्र में पेयजल उपलब्ध कराया जाता था, किन्तु अब इस समस्या को देखते हुए नई बोरवेल लगाने के लिए जिला कलेक्टर को बोरिंग खुदवाने के लिए अनुमति मांगी गई, साथ ही बोरिंग के लिए स्थान चयन के प्रयास किए जा रहे है। ग्राम पंचायत झालरबावड़ी सरपंच श्रीमती चंद्रज्योति चुंडावत एवं ग्राम विकास अधिकारी महेश शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि बोरिंग के लिए उचित स्थान देकर बोरिंग के लिए अनुमति मिलने ही नवीन बोर कराया जाकर पेयजल व्यवस्था सुचारू करने के लिए कार्यवाही की जा रही है।
ग्राम पंचायत झालरबावड़ी सरपंच श्रीमती चंद्रज्योति चुंडावत एवं ग्राम विकास अधिकारी महेश शर्मा ने कहा कि ग्राम पंचायत झालरबावड़ी में मंदिर के पीछे लगी बोरवेल गर्मी के चलते पानी सुख गया है। गत दिनों से जलस्तर गिरने से बोरवेल ने साथ छोड़ दिया है। इससे जल समस्या उत्पन्न हुई है। जिला कलेक्टर से बोरवेल खुदवाने की मांग की गई। स्वीकृति मिलते ही कार्य कर जनता की समस्या का समाधान किया जाएगा।